धमतरी की बेटी कुसुम लता बिप्रे ने बढ़ाया प्रदेश का मान, बोर्ड परीक्षा में 5वां स्थान पाकर मुख्यमंत्री से हुईं सम्मानित

धमतरी की बेटी कुसुम लता बिप्रे ने बढ़ाया प्रदेश का मान, बोर्ड परीक्षा में 5वां स्थान पाकर मुख्यमंत्री से हुईं सम्मानित

धमतरी, 17 मई 2026:
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के एक छोटे से गांव कंडेल की बेटी कुमारी कुसुम लता बिप्रे ने अपनी कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और असाधारण प्रतिभा से पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश की चुनौतियों के बावजूद, कुसुम लता ने माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की बोर्ड परीक्षा में 97.40 प्रतिशत अंक हासिल कर राज्य की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस बड़ी कामयाबी ने न केवल धमतरी जिले का नाम रोशन किया है, बल्कि ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए प्रेरणा की एक नई मिसाल पेश की है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंच पर किया सम्मानित

‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत धमतरी में आयोजित एक भव्य जिला स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुसुम लता बिप्रे की इस शानदार उपलब्धि की सराहना की। मुख्यमंत्री ने उन्हें मुख्य मंच पर आमंत्रित कर शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इसके साथ ही, कुसुम लता की आगे की पढ़ाई और तकनीकी शिक्षा को सुगम बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने उन्हें सरकार की ओर से एक आधुनिक टैबलेट प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

बेटियां हैं विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान: मुख्यमंत्री

इस गौरवशाली अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज हमारे प्रदेश की बेटियां शिक्षा, खेल, विज्ञान और प्रशासन समेत हर क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। राज्य सरकार उनकी इस प्रतिभा को निखारने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर देश-प्रदेश में नाम रोशन करने वाली ये प्रतिभाएं ही ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की नई पहचान हैं। कुसुम लता की यह सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह हमारी ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था, उनके परिवार के संस्कारों और शिक्षकों की मेहनत का सकारात्मक परिणाम है।” उन्होंने आगे कहा कि एक साधारण परिवार से आने वाली कुसुम लता ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मन में आगे बढ़ने का पक्का संकल्प हो, तो कोई भी परिस्थिति सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती।

नियमित अध्ययन और अनुशासन से मिली सफलता

अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुमारी कुसुम लता ने बताया कि उन्होंने बिना किसी भटकाव के नियमित अध्ययन, कड़े अनुशासन और अपने परिवार के निरंतर सहयोग के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।

कुसुम लता की इस सफलता से न केवल उनके गांव कंडेल में जश्न का माहौल है, बल्कि धमतरी जिले के अन्य छात्र-छात्राओं में भी शिक्षा के प्रति एक नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार हुआ है। ग्रामीण अंचल की अनेक बेटियां अब कुसुम लता को अपना आदर्श मानकर आगे बढ़ने का सपना देख रही हैं।

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