जगदलपुर 18 मई।
उजर बस्तर” अभियान के जरिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग का तेजी से कायाकल्प हो रहा है, जिससे नक्सल प्रभावित यह क्षेत्र अब शांति, प्रगति और खुशहाली की नई पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा शुरू की गई इस विशेष पहल का उद्देश्य बस्तर के सुदूर वनांचलों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना, युवाओं को रोजगार देना और स्थानीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर लाना है।
🌟 “उजर बस्तर” अभियान के मुख्य स्तंभ
- सुरक्षा और विकास: अंदरूनी इलाकों में नए सुरक्षा कैंप स्थापित कर बुनियादी ढांचे (सड़क, पुल और बिजली) का तेजी से विस्तार।
- नियद नेल्लानार योजना: इस योजना के तहत सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में 25 से अधिक बुनियादी सरकारी सुविधाएं मुफ्त पहुंचाई जा रही हैं।
- रोजगार और कौशल: बस्तर के युवाओं को बंदूक छोड़ मुख्यधारा से जोड़ने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और कौशल प्रशिक्षण।
- प्रकृति और पर्यटन: चित्रकोट, तीरथगढ़ और बस्तर के राष्ट्रीय उद्यानों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर चमकाना।
- वनोपज का सही दाम: महुआ, इमली और चार जैसी स्थानीय वनोपजों का समर्थन मूल्य बढ़ाकर आदिवासियों की आय में भारी वृद्धि।

🚀 बदलते बस्तर की जमीनी हकीकत
अब बस्तर की पहचान केवल संघर्ष से नहीं, बल्कि वहां के जैविक उत्पादों (Organic Products), बस्तर कॉफी और विश्व प्रसिद्ध डोकरा आर्ट से हो रही है। सुदूर गांवों में मोबाइल कनेक्टिविटी, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र खुलने से स्थानीय ग्रामीणों के जीवन में एक नई सुबह (“उजर”) आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह विजन बस्तर को भयमुक्त और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का चमकता हुआ केंद्र बना रहा है।
