दंतेवाड़ा/रायपुर, 18 मई 2026: दंतेवाड़ा के मटेनार में ‘सुशासन तिहार’ शिविर संपन्न, 400 से अधिक आवेदनों का हुआ त्वरित निपटारा; 11 किसानों को मिले KCC
छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आज दंतेवाड़ा जिले के ग्राम पंचायत मटेनार में एक भव्य संयुक्त शिविर का आयोजन किया गया। ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत आयोजित इस विशेष शिविर में मटेनार सहित कुल 12 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे। शिविर में प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद देखने को मिला, जहां प्राप्त 400 से अधिक आवेदनों में से कई मामलों का मौके पर ही निपटारा कर ग्रामीणों को तत्काल राहत दी गई।

जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही भारी मौजूदगी
इस शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कमला विनय नाग, जनपद सदस्य श्रीमती संतनी ठाकुर सहित विभिन्न ग्रामों के सरपंच, उपसरपंच, पंचगण और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने शासन की इस पहल को सराहा और ग्रामीणों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

मौके पर ही मिले प्रमाण पत्र और किसान क्रेडिट कार्ड
ग्रामीणों को अपने काम कराने के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए शिविर में सभी प्रमुख विभागों के स्टॉल एक ही छत के नीचे लगाए गए थे। शिविर के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित सेवाएं और लाभ प्रदान किए गए:
- कृषि विभाग: कृषि विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 प्रगतिशील किसानों को मौके पर ही ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ (KCC) का वितरण किया गया।
- राजस्व एवं नागरिक सेवाएं: शिविर में पहुंचे 6 हितग्राहियों को उनके बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र सौंपे गए।
- दस्तावेज अपडेशन: नए आधार कार्ड बनाने, पुराने आधार कार्ड में सुधार करने तथा आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया गया।
- महतारी वंदन योजना: महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली महतारी वंदन योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए विशेष तौर पर आधार लिंकिंग का कार्य किया गया।

ग्रामीणों ने जताया आभार, बोले- “दफ्तरों के चक्करों से मिली मुक्ति”
दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों से आए ग्रामीणों ने इस जिला प्रशासन की इस अनूठी पहल पर बेहद खुशी जाहिर की। शिविर में आए हितग्राहियों ने कहा कि पहले उन्हें छोटे-छोटे कार्यों, जैसे आधार सुधार या प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जिला या ब्लॉक मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था। अब गांव में ही एक साथ सभी विभागों की सेवाएं मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
सुशासन की दिशा में मजबूत कदम
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ‘सुशासन तिहार’ के तहत आयोजित किए जा रहे ये संयुक्त शिविर राज्य सरकार की दूरगामी सोच का हिस्सा हैं। इसका मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है। दूरस्थ अंचलों में लग रहे ये शिविर न केवल आम जनता की समस्याओं का मौके पर निराकरण कर रहे हैं, बल्कि जनता के भीतर शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत कर रहे हैं।
