अमित शाह का बड़ा बस्तर एलान: 15% विशेष आरक्षण और भव्य राष्ट्रीय तीर्थस्थल!

जगदलपुर 18 मई । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर प्रवास के दौरान एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अमर शहीद गुंडाधुर की इस पावन धरती को एक भव्य राष्ट्रीय तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय आदिवासी युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकारी नौकरियों में 15% विशेष आरक्षण देने का एक बड़ा ऐलान भी किया है।

बस्तर के सर्वांगीण विकास और जनजातीय गौरव को समर्पित इस महत्वपूर्ण घोषणा को विस्तार से नीचे समझा जा सकता है।

📍 गुंडाधुर की धरती बनेगी राष्ट्रीय तीर्थ

  • ऐतिहासिक सम्मान: गृह मंत्री ने कहा कि 1910 के भूमकाल आंदोलन के महानायक वीर गुंडाधुर का बलिदान पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।
  • सांस्कृतिक केंद्र: बस्तर को केवल नक्सलवाद नहीं, बल्कि उसके समृद्ध आदिवासी इतिहास और शौर्य के लिए पहचाना जाएगा।
  • पर्यटन को बढ़ावा: इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर के तीर्थस्थल और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे देश-दुनिया के लोग बस्तर की महान संस्कृति से परिचित हो सकें।

💼 नौकरियों में 15% विशेष आरक्षण

  • सीधा रोजगार: गृह मंत्री ने स्थानीय आदिवासी युवाओं के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए सरकारी नौकरियों में 15% आरक्षण देने की प्रतिबद्धता जताई।
  • सुरक्षा बलों में प्राथमिकता: बस्तर के युवाओं को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और स्थानीय पुलिस भर्ती में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
  • मुख्यधारा से जुड़ाव: इस कदम का मुख्य उद्देश्य बस्तर के युवाओं के हाथों को हुनर और रोजगार देकर उन्हें नक्सली भटकाव से दूर रखना है।

🚀 बस्तर के विकास के लिए अन्य मुख्य घोषणाएं

  • नक्सलवाद का खात्मा: शाह ने दावा किया कि सरकार बस्तर से नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के अंतिम चरण में है और जल्द ही यह क्षेत्र पूरी तरह शांत और सुरक्षित होगा।
  • मूलभूत सुविधाओं का विस्तार: बस्तर के अंदरूनी गांवों तक चमचमाती सड़कें, हर घर बिजली, शुद्ध पीने का पानी और बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य: क्षेत्र में नए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय और अत्याधुनिक स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे ताकि गरीबों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।

केंद्रीय गृह मंत्री की इन घोषणाओं ने बस्तर के लोगों में विकास की एक नई उम्मीद जगाई है। शहीद गुंडाधुर को तीर्थस्थल के रूप में सम्मान और युवाओं को 15% आरक्षण मिलने से बस्तर के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *