मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा बस्तर के “नक्सलवाद-उत्तर काल” (Post-Naxal Era) के विकास के लिए केंद्र सरकार के समक्ष रखी

जगदलपुर 19 मई

जगदलपुर में आयोजित 26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर के “नक्सलवाद-उत्तर काल” (Post-Naxal Era) के विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष कई विशेष मांगें रखी हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन और एजेंडे के अनुसार, राज्य के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए निम्नलिखित प्रमुख मांगों की सूची केंद्रीय गृह मंत्री के सामने रखी गई:

1. ‘बस्तर विकास विशेष पैकेज’ की मांग

  • विशेष बजटीय सहायता: नक्सलवाद के मोर्चे पर मिली निर्णायक सफलता के बाद बस्तर संभाग के सभी 7 जिलों में बुनियादी ढांचे को तेजी से बदलने के लिए केंद्र सरकार से एक विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की गई है.
  • कैंपों के विकास के लिए फंड: बस्तर के अंदरूनी इलाकों में स्थापित किए गए सुरक्षा बलों के कैंपों को अब ‘विकास केंद्रों’ (Development Hubs) के रूप में बदलने, वहां स्थायी अस्पताल, स्कूल और राशन दुकानें खोलने के लिए अतिरिक्त केंद्रीय वित्तीय मदद मांगी गई है.

2. सुदूर वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी

  • सड़क नेटवर्क (वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र योजना): बस्तर और सीमावर्ती जिलों के बचे हुए सुदूर गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए ‘RRP’ (Road Requirement Plan) के अगले चरण को तत्काल मंजूरी देने की मांग की गई है.
  • टेलीकॉम और 5G नेटवर्क: अंदरूनी आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी और बैंकिंग सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र से अतिरिक्त मोबाइल टावर लगाने और शत-प्रतिशत गांवों में इंटरनेट पहुंचाने का आग्रह किया गया है. [1]

3. रेल और एयर कनेक्टिविटी का विस्तार

  • रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन: बस्तर की जीवनरेखा मानी जाने वाली रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना के काम में तेजी लाने और इसके लिए केंद्रीय बजट से त्वरित फंड जारी करने की मांग दोहराई गई है.
  • बस्तर हवाई सेवा का विस्तार: जगदलपुर (बस्तर) हवाई अड्डे से देश के अन्य प्रमुख शहरों के लिए विमानों की संख्या बढ़ाने और उड़ानों को नियमित करने का प्रस्ताव रखा गया है.

4. अंतरराज्यीय पुलिसिंग और सीमा सुरक्षा के लिए विशेष संसाधन

  • ड्रोन और आधुनिक तकनीक: अंतरराज्यीय सीमाओं (ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र) पर निगरानी और अपराधियों की धरपकड़ के लिए हाईटेक सर्विलांस सिस्टम और आधुनिक ड्रोन तकनीक मुहैया कराने की मांग की गई है.
  • फॉरेंसिक और जांच लैब्स: राज्य में अपराध अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल फॉरेंसिक वैन और क्षेत्रीय फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण के लिए केंद्रीय सहायता की मांग की गई है. [1, 2]

5. जनजातीय कल्याण और शिक्षा

  • एकलव्य विद्यालयों की संख्या में वृद्धि: बस्तर और सरगुजा संभाग के आदिवासी बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देने के लिए नए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (EMRS) की स्वीकृति मांगी गई है.
  • वनोपज प्रसंस्करण केंद्र: बस्तर के महुआ, इमली और अन्य लघु वनोपजों के वैल्यू एडिशन (प्रसंस्करण) के लिए स्थानीय स्तर पर केंद्रीय सहयोग से फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर के विकास के लिए रखी गई मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है, जिसमें बस्तर को विकसित करने के लिए विशेष पैकेज और बुनियादी ढांचे को गति देने का वादा शामिल है। उन्होंने सुरक्षा कैंपों को जन-सुविधा केंद्रों में बदलने और रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

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