जगदलपुर 19 मई।
मध्य प्रदेश सरकार (मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव) की प्रमुख मांगें
- केना-बेतवा लिंक परियोजना के लिए त्वरित फंड: बुंदेलखंड क्षेत्र में पानी की किल्लत दूर करने वाली देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना (Ken-Betwa Link Project) के काम में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त केंद्रीय वित्तीय सहायता मांगी।
- चंबल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से जुड़ाव: मध्य प्रदेश के उत्तरी और मध्य जिलों को उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेस-वे नेटवर्क से जोड़ने के लिए अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी कॉरिडोर को मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा।

- साइबर क्राइम कंट्रोल हब: मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से सटे इलाकों में बढ़ रहे साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए एक संयुक्त क्षेत्रीय साइबर इन्वेस्टिगेशन हब स्थापित करने की मांग की।
- सीमावर्ती जिलों में संयुक्त सुरक्षा ग्रिड: नक्सल प्रभावित और डकैत प्रभावित रहे सीमावर्ती क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ मिलकर ‘जॉइंट कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन’ के लिए विशेष केंद्रीय समन्वय की मांग की।
उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख मांगें
- बुंदेलखंड और कछार (Border) क्षेत्रों का विकास: उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी जिलों (जो मध्य प्रदेश से लगते हैं) में सिंचाई सुविधाओं और पेयजल परियोजनाओं (हर घर जल योजना) के विस्तार के लिए विशेष बजटीय सहायता का आग्रह किया।
- अंतरराज्यीय परिवहन टैक्स का सरलीकरण: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच चलने वाली मालवाहक गाड़ियों और बसों के लिए एकल-खिड़की टैक्स प्रणाली (Single Window Tax System) लागू करने का प्रस्ताव रखा, ताकि व्यापार सुगम हो सके।
- नदियों के प्रदूषण नियंत्रण पर साझा नीति: गंगा, यमुना और चंबल जैसी साझा नदियों के जल को स्वच्छ रखने के लिए पड़ोसी राज्यों (मध्य प्रदेश और उत्तराखंड) के साथ मिलकर एक एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management) नीति बनाने की मांग की।
