बस्तर का गौरव: उसूर ब्लॉक को देश में दूसरा स्थान, सीएम विष्णुदेव साय ने थपथपाई पीठ

रायपुर/बीजापुर, 22 मई 2026:उसूर ब्लॉक ने देश में लहराया परचम, नीति आयोग की रिपोर्ट में सेंट्रल जोन में मिला दूसरा स्थान

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के ‘सुशासन’ और जन-कल्याणकारी नीतियों का असर अब राज्य के सबसे दूरस्थ और संवेदनशील अंचलों में स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। इसी कड़ी में बस्तर संभाग के बीजापुर जिले से छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। नीति आयोग द्वारा जारी देश के आकांक्षी ब्लॉकों की ‘चैंपियंस ऑफ द क्वार्टर’ (अक्टूबर-दिसंबर 2025) की ताजा रिपोर्ट में बीजापुर के उसूर ब्लॉक ने सेंट्रल जोन में पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उसूर ब्लॉक और बीजापुर जिले के नागरिकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा जिला प्रशासन को हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने इस सफलता को सुशासन की जीत बताते हुए कहा, “उसूर ब्लॉक का राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त करना हमारे सुशासन और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। बस्तर के सुदूर गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उसूर ने कठिन भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों में जो कर दिखाया है, वह पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।”

ग्राउंड जीरो के कोरोना वॉरियर्स और मितानिनों को दिया श्रेय
मुख्यमंत्री ने इस सफलता का मुख्य श्रेय मैदानी अमले को देते हुए कहा, “यह सफलता जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, हमारी समर्पित मितानिन बहनों, एएनएम और डॉक्टरों के अथक परिश्रम व समर्पण का परिणाम है। हमारा लक्ष्य अब यहीं रुकना नहीं है, बल्कि आने वाले समय में देश में प्रथम स्थान हासिल करना है।”

इन 4 मुख्य मापदंडों पर उसूर ने मारी बाजी
नीति आयोग ने स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण संकेतकों के आधार पर कड़ा मूल्यांकन किया था। इसमें उसूर ब्लॉक ने निम्नलिखित क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया:

  • संचारी रोगों पर कड़ा प्रहार: मलेरिया, डेंगी और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए ब्लॉक के अंतिम छोर पर बसे गांवों तक विशेष और प्रभावी अभियान चलाया गया।
  • सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा: स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से संस्थागत प्रसव (अस्पतालों में डिलीवरी) की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे शिशु और मातृ मृत्यु दर को कम करने में भारी सफलता मिली है।
  • सशक्त टीकाकरण कवच: बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण को शत-प्रतिशत पूरा करने के साथ-साथ एचपीवी (कैंसर रोधी) टीकाकरण को जमीनी स्तर पर बेहद सफल बनाया गया।
  • गंभीर बीमारियों की मुफ्त जांच: ब्लड प्रेशर (बीपी), शुगर और कैंसर जैसी गंभीर गैर-संचारी बीमारियों की मुफ्त जांच व उपचार की सुविधा को गांव-गांव तक पहुंचाया गया, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही इलाज मिल सका।

इस उपलब्धि से न केवल बीजापुर जिले में उत्साह का माहौल है, बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही रणनीति से घोर नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की नई इबारत लिखी जा सकती है।

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