रायपुर, 23 मई 2026: रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा रिजर्वायर में हुआ जन-जागरण कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान, बर्ड वॉक और सीड बॉल निर्माण बने आकर्षण का केंद्र
राजधानी रायपुर के कोपरा रिजर्वायर परिसर में शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन को लेकर एक विशाल जन-जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पर्यावरण प्रेमियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रकृति को बचाने का संकल्प लिया।

सामूहिक भागीदारी से ही संभव है संरक्षण
कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों और वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है। जब तक हर नागरिक पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगा, तब तक हम अपनी प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित नहीं रख पाएंगे।

स्वच्छता अभियान (क्लीनलीनेस ड्राइव) से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का आगाज एक वृहद स्वच्छता अभियान (क्लीनलीनेस ड्राइव) से हुआ। सजग नागरिकों और स्वयंसेवकों ने कोपरा जलाशय परिसर और उसके आसपास फैले कचरे को साफ किया। इस अभियान के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि जल स्रोतों और उसके आसपास की स्वच्छता ही जैव विविधता को बचाए रखने की पहली सीढ़ी है।

बर्ड वॉक: पक्षियों और प्रकृति के अंतर्संबंधों को समझा
समारोह का एक मुख्य आकर्षण ‘बर्ड वॉक’ रहा। इसके तहत प्रतिभागियों ने कोपरा रिजर्वायर क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों का बारीकी से अवलोकन किया। पक्षी विशेषज्ञों ने इस दौरान बताया कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में पक्षियों की कितनी अहम भूमिका है। उन्होंने उपस्थित लोगों को पक्षियों और जैव विविधता के बीच के गहरे पारस्परिक संबंधों की जानकारी दी।

सीड बॉल निर्माण रहा विशेष आकर्षण
कार्यक्रम में ‘सीड बॉल निर्माण’ गतिविधि युवाओं और बच्चों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही। सभी प्रतिभागियों ने बड़े उत्साह के साथ मिट्टी और बीजों को मिलाकर सीड बॉल तैयार किए। विशेषज्ञों ने बताया कि यह पहल वन क्षेत्र के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बेहद कम लागत और प्रभावी कदम साबित होगी। इन सीड बॉल्स को आगामी मानूसन के दौरान खाली पड़े वन क्षेत्रों में रोपा जाएगा।
यह पूरा आयोजन प्रकृति से जुड़ने और उसके संरक्षण के लिए एक सामूहिक प्रयास के रूप में बेहद सफल रहा।
