रुद्रेश्वर धाम का कायाकल्प: 20 करोड़ से बनेगा भव्य कॉरिडोर, काशी-सोमनाथ जैसी दिखेगी झलक!

धमतरी/रायपुर, 23 मई। धमतरी में बनेगा भव्य ‘रुद्रेश्वर धाम कॉरिडोर’, ₹20 करोड़ से बदलेगी सूरत; काशी-सोमनाथ की तर्ज पर होगा विकास

धमतरी शहर से लगे रुद्री स्थित प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर अब केवल एक स्थानीय धार्मिक स्थल नहीं रहेगा। आने वाले समय में यह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक पर्यटन का एक नया राष्ट्रीय केंद्र बनकर उभरेगा। मंदिर परिसर के समग्र विकास के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से एक महत्वाकांक्षी ‘रुद्रेश्वर धाम कॉरिडोर परियोजना’ तैयार की गई है। इस बड़ी परियोजना को भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से तीन अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा।

मूल स्वरूप से बिना छेड़छाड़, दिखेगी पारंपरिक स्थापत्य कला
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पूरे विकास कार्य के दौरान मंदिर की मूल प्राचीन संरचना और उसकी आध्यात्मिक गरिमा को पूरी तरह अक्षुण्ण रखा जाएगा। बिना किसी बड़े विध्वंस या ढांचे को नुकसान पहुंचाए, परिसर को आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली के बेजोड़ समन्वय से नया रूप दिया जाएगा। मंदिर के नए डिजाइन में शिखर, त्रिशूल, ओम् प्रतीक, भव्य तोरण द्वार, अलंकृत स्तंभ, आकर्षक नंदी प्रतिमा, दीप स्तंभ और सुंदर जाली कार्य जैसे पारंपरिक तत्वों को शामिल किया गया है। पूरे परिसर में प्राकृतिक सैंडस्टोन क्लैडिंग और पत्थरों का उपयोग किया जाएगा, जो इसे सदियों तक अक्षुण्ण और भव्य स्वरूप प्रदान करेगा।

काशी विश्वनाथ और सोमनाथ मंदिर से प्रेरित है डिजाइन
रुद्रेश्वर धाम कॉरिडोर का पूरा लेआउट वास्तु सिद्धांतों, प्राकृतिक वेंटिलेशन (हवादार परिसर) और खुले प्रांगण को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह श्रद्धालुओं को एक क्रमिक आध्यात्मिक यात्रा का अहसास कराएगा। इस भव्य डिजाइन को तैयार करने में देश के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और पुरी के जगन्नाथ मंदिर की स्थापत्य अवधारणाओं से प्रेरणा ली गई है।

श्रद्धालुओं को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं, AI तकनीक का होगा इस्तेमाल
परियोजना का उद्देश्य केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देना है। कॉरिडोर के तहत ये प्रमुख कार्य होंगे:

  • सुगम आवागमन: चौड़े पैदल मार्ग, सुव्यवस्थित प्रवेश-निकास द्वार और नया परिक्रमा पथ।
  • सौंदर्यीकरण: महानदी के किनारे आकर्षक घाटों और सुंदर मंडपों का निर्माण।
  • सार्वजनिक सुविधाएं: आधुनिक फूड कोर्ट, प्रसाद एवं स्मृति चिन्ह दुकानें, और विश्राम क्षेत्र।
  • स्वास्थ्य व स्वच्छता: परिसर में शिशु आहार कक्ष (फीडिंग रूम), आधुनिक स्वच्छ शौचालय और एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनेगा।
  • स्मार्ट टूरिज्म: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिजिटल सूचना स्क्रीन और आधुनिक तकनीक पर आधारित ‘एआई (AI) हेल्थ चेकअप कियोस्क’ लगाए जाएंगे।
  • बाधारहित वीआईपी व्यवस्था: वृद्धजनों और दिव्यांगजनों के लिए पूरे परिसर में रैम्प आधारित विशेष आवागमन व्यवस्था होगी।

इस कॉरिडोर के निर्माण से धमतरी जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में धार्मिक पर्यटन (टूरिज्म) को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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