ओरछा (नारायणपुर) 24 मई । नियद नेल्लानार योजना: अबूझमाड़ के कच्चापाल में आजीविका की नई उड़ान, जलप्रपात के पास पर्यटक चखेंगे स्थानीय मुर्गियों का स्वाद
छत्तीसगढ़ सरकार की ‘नियद नेल्लानार योजना’ (आपका अच्छा गांव) बस्तर के धुर अंदरूनी और दूरदराज के क्षेत्रों में विकास की नई किरण पहुंचा रही है। नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम कच्चापाल में इस योजना के जरिए ग्रामीणों के जीवन में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जिला प्रशासन के लगातार प्रयासों से कभी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसने वाले इस गांव में अब आजीविका के नए रास्ते खुल गए हैं। यहां की आदिवासी महिलाओं ने न सिर्फ आत्मनिर्भर बनने की ठानी है, बल्कि वे अपने क्षेत्र के पर्यटन विकास में भी बढ़-चढ़कर योगदान देने के लिए तैयार हैं।

महिला स्व-सहायता समूह को मिला कुक्कुट पालन का सहारा
पशुधन विकास विभाग के सहयोग से ग्राम कच्चापाल के ‘इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह’ को एक नई आर्थिक ताकत मिली है। समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभाग ने उन्हें बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के तहत लाभान्वित किया है। इसके अंतर्गत समूह के सदस्यों को आजीविका शुरू करने के लिए 10 इकाई उन्नत नस्ल के रंगीन चूजे और उनके पोषण के लिए उच्च गुणवत्तापूर्ण कुक्कुट आहार (दाना) मुफ्त प्रदान किया गया है। इन उन्नत नस्ल के चूजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है, जिससे ग्रामीण परिवेश में इनका पालन बेहद आसान और फायदेमंद है।

कच्चापाल जलप्रपात बनेगा रीढ़, बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति
कच्चापाल गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता और खूबसूरत ‘कच्चापाल जलप्रपात’ (Waterfall) के कारण पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। समूह की महिलाओं का कहना है कि जलप्रपात के कारण क्षेत्र में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। इस कुक्कुट इकाई के मिलने से वे मुर्गी पालन और अंडा उत्पादन का काम बड़े पैमाने पर करेंगी। सबसे खास बात यह है कि जलप्रपात क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय होटलों व दुकानों में मुर्गियों और अंडों की सीधे सप्लाई की जाएगी। इससे महिलाओं को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और उनका पूरा मुनाफा सीधे उनके बैंक खातों में आएगा।

बदल रही है अबूझमाड़ की तस्वीर
नियद नेल्लानार योजना के तहत सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं तो पहुंच ही रही हैं, साथ ही ग्रामीणों को रोजगार से भी जोड़ा जा रहा है। कच्चापाल की महिलाओं का यह कदम पूरे अबूझमाड़ क्षेत्र के लिए एक मिसाल बन रहा है। प्रशासन का मानना है कि पर्यटन और स्थानीय आजीविका का यह संगम आने वाले दिनों में ग्रामीणों की आय को कई गुना बढ़ा देगा।
