बलौदाबाजार/रायपुर, 23 मई 2026: बलौदाबाजार वनमण्डल में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन; ग्रामीणों और बच्चों ने लिया प्रकृति संरक्षण का संकल्प
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस (22 मई) के अवसर पर बलौदाबाजार वनमण्डल के विभिन्न वन परिक्षेत्रों और अभयारण्य क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य प्रकृति संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना था। इस दौरान वनमण्डलाधिकारी (DFO) ने आमजन से अपील की कि सभी जैव विविधता के संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक संकल्प लें। उन्होंने प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर एक टिकाऊ और समावेशी भविष्य के निर्माण पर जोर दिया।

जन-जागरूकता के लिए विविध आयोजन
इस विशेष अवसर पर पर्यावरण संतुलन का संदेश जन-जन तक पहुँचाने के लिए कई गतिविधियां आयोजित की गईं:
- शैक्षणिक प्रतियोगिताएं: बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
- पर्यावरण गतिविधियां: ग्रामीणों और वन अमले ने मिलकर सीड बॉल का निर्माण किया और पौधरोपण किया।
- सांस्कृतिक मंचन: नुक्कड़ नाटक और गीतों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।
- शपथ ग्रहण: उपस्थित लोगों ने वन्यजीवों और वनस्पतियों की रक्षा की शपथ ली।
बल्दाकछार और सोनाखान परिक्षेत्र में संगोष्ठी
वन परिवृत्त परसदा (ठाकुरदिया) और कोशमसरा में विशेष संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। इसमें जैव विविधता प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, स्थानीय सरपंच, पंच, वन प्रबंधन समिति के सदस्यों, ग्रामीणों, शिक्षकों और स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चिंता जताई गई। साथ ही, वन्यजीवन और वृक्षों से मानव जीवन को होने वाले प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बारनवापारा अभयारण्य में मानव-वन्यप्राणी द्वंद्व पर चर्चा
बारनवापारा अभयारण्य के अंतर्गत ग्राम हरदी में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जैव विविधता संरक्षण के साथ-साथ ‘मानव-वन्यप्राणी द्वंद्व’ के नियंत्रण और प्रबंधन को लेकर ग्रामीणों को महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। ग्रामीणों को बताया गया कि कैसे वे सुरक्षित रहकर वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व बनाए रख सकते हैं। [1]
देवपुर नेचर कैंप में पौधरोपण और सीड बॉल निर्माण
प्रकृति प्रेमियों और स्थानीय समुदाय को जोड़ने के लिए देवपुर नेचर कैंप में विशेष अभियान चलाया गया। यहाँ उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संवर्धन का संकल्प लिया। इसके साथ ही मिट्टी और बीजों से सीड बॉल तैयार किए गए, जिन्हें आगामी मानसून में वनों में फैलाया जाएगा। कैंप परिसर में सघन पौधरोपण भी किया गया।
