नारायणपुर के किसान बनेंगे ‘स्मार्ट’: 48 गांवों में वैज्ञानिकों ने सिखाए अधिक कमाई के गुर

रायपुर/नारायणपुर, 24 मई 2026।नारायणपुर जिले के 48 गांवों में पहुंचा ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’, वैज्ञानिकों ने सिखाए कम लागत में अधिक मुनाफे के गुर

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और नारायणपुर के सुदूर वनांचलों में पारंपरिक खेती को आधुनिक और लाभप्रद बनाने के लिए एक बड़ा अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) नारायणपुर और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले के विभिन्न विकासखंडों में 5 मई से 20 मई 2026 तक 15 दिवसीय ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ चलाया गया। इस सघन अभियान के तहत अबूझमाड़ के घोर नक्सल प्रभावित और पहुंचविहीन क्षेत्रों सहित कुल 48 गांवों में विशेष शिविर व चौपालों का आयोजन किया गया।

48 गांवों के आदिवासी किसानों तक पहुंची नई तकनीक
इस अभियान का दायरा जिले के बावड़ी, करलाखा, कोडोली, कोखमेड़ा, बेनूर, इराकभट्टी, देवगांव, रेमावंड, कंदाड़ी, कुदला, महिमागवाड़ी, झारावाही, धनोरा, नेदनार, बरेहबेड़ा, नेलांगुर, पदमकोट, कुरुसनार, बासिंग, कच्चापाल, अकाबेड़ा, बोरान्ड, बोरपाल, पालकी, कस्तूरमेटा और गढ़बेंगाल जैसे अत्यंत दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक रहा। इन शिविरों में बड़ी संख्या में स्थानीय आदिवासी महिला और पुरुष किसानों ने हिस्सा लिया।

खेत और चौपाल पर जुटी ‘कृषक-वैज्ञानिक चर्चा’
आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिकों ने सीधे खेतों और गांवों की चौपालों पर पहुंचकर किसानों से सीधा संवाद किया। इस ‘कृषक-वैज्ञानिक चर्चा’ में कृषि वैज्ञानिकों ने पारंपरिक खेती की कमियों को दूर कर उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाने की व्यावहारिक सीख दी।

  • रासायनिक खादों का संतुलित उपयोग: केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. हरेंद्र तोन्डेय ने किसानों को मिट्टी की सेहत के प्रति जागरूक किया। उन्होंने अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों के नुकसान बताते हुए उनके संतुलित उपयोग की सलाह दी। साथ ही, भूमि की उर्वरा शक्ति को लंबे समय तक अक्षुण्ण रखने के लिए जैविक और प्राकृतिक खेती को अपनाने पर विशेष जोर दिया।
  • घर पर कीटनाशक बनाने की विधि: महंगे रसायनों पर किसानों की आर्थिक निर्भरता और उत्पादन लागत को कम करने के लिए कीट वैज्ञानिक डॉ. आलिया अफरोज ने मोर्चा संभाला। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से बनने वाले प्राकृतिक कीटनाशकों—नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और आग्नेयास्त्र की निर्माण विधि का जीवंत प्रदर्शन किया। किसानों को सिखाया गया कि कैसे वे बेहद कम लागत में प्रभावी तरीके से फसलों को कीटों से बचा सकते हैं।
  • उद्यानिकी और मूल्य संवर्धन (Value Addition): उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. ललित कुमार वर्मा ने वनांचल के किसानों को सिर्फ धान पर निर्भर न रहकर फल, सब्जी और औषधीय फसलों की वैज्ञानिक खेती करने के तरीके बताए। उन्होंने उन्नत किस्मों के चयन और फसलों के मूल्य संवर्धन (Value Addition) के जरिए उपज का सही दाम पाने की तकनीकें साझा कीं, ताकि किसानों की आय में बढ़ोतरी हो सके।

आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगे वनांचल के परिवार
इस 15 दिवसीय व्यापक अभियान का मुख्य उद्देश्य नारायणपुर जिले के ग्रामीण और आदिवासी परिवारों को आर्थिक रूप से सुदृढ़, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। अभियान के दौरान मृदा प्रबंधन, फसल विविधीकरण (Crop Diversification) और उत्पादन लागत को आधा करने के उपायों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया, जिससे वनांचल में कृषि क्रांति का एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ है।

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