रायपुर, 30 मई 2026। पंजीयन विभाग में ऐतिहासिक सुधार: छत्तीसगढ़ के सभी 119 रजिस्ट्री दफ्तर बनेंगे स्मार्ट, बिचौलियों का राज खत्म
छत्तीसगढ़ में सुशासन और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव शुरू हो गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में पंजीयन विभाग (रजिस्ट्री विभाग) का पूरी तरह से कायाकल्प किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अगले एक साल के भीतर राज्य के सभी 119 पंजीयन कार्यालयों को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करना है। इस ऐतिहासिक सुधार से अब जमीनों की रजिस्ट्री कराना बेहद आसान, पारदर्शी और तेज हो जाएगा।

पहले चरण में रायपुर समेत 10 कार्यालय होंगे हाईटेक
राज्य सरकार ने इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए तेजी से काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में प्रदेश के 10 प्रमुख पंजीयन कार्यालयों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। इनमें शामिल हैं:

- नवा रायपुर सीबीडी बिल्डिंग
- बेबीलॉन टॉवर रायपुर
- श्रीराम बिजनेस पार्क, सड्डू (रायपुर)
- कलेक्ट्रेट परिसर रायगढ़
- दुर्ग कार्यालय
- बिलासपुर कार्यालय
- कुनकुरी कार्यालय
- अभनपुर कार्यालय
- तिल्दा कार्यालय

भ्रष्टाचार और बिचौलियों पर लगाम, तकनीक से मिली राहत
पुराने, जटिल और फाइलों के बोझ से दबे सिस्टम को छोड़ अब छत्तीसगढ़ डिजिटल प्रशासन की ओर बढ़ चुका है। पंजीयन प्रक्रिया में आए नए बदलावों से जनता को बड़ी राहत मिली है:
- टोकन सिस्टम से खत्म हुई भीड़: कार्यालयों में अब टोकन व्यवस्था लागू होने से अव्यवस्था और लंबी लाइनों से मुक्ति मिल गई है।
- बिचौलियों की छुट्टी: पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होने से एजेंटों और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है, जिससे नागरिकों के अतिरिक्त खर्च पर रोक लगी है।
- व्हाट्सएप नोटिफिकेशन: रजिस्ट्री की प्रक्रिया और अपडेट की सीधी जानकारी अब नागरिकों को सीधे उनके व्हाट्सएप पर मिल रही है।
- कैशलेस भुगतान: पैसों के लेन-देन को पूरी तरह सुरक्षित और डिजिटल बनाने के लिए कैशलेस व्यवस्था लागू की गई है।
- खसरा नंबर से ऑनलाइन जानकारी: अब कोई भी व्यक्ति खसरा नंबर के जरिए किसी भी संपत्ति की पूरी जानकारी घर बैठे ऑनलाइन देख सकता है।
- डिजीलॉकर की सुविधा: रजिस्ट्री के दस्तावेज अब सीधे डिजीलॉकर में सुरक्षित रहेंगे, जिससे कागजात खोने का डर खत्म हो गया है और जरूरत पड़ने पर इन्हें तुरंत डाउनलोड किया जा सकता है।

देश के लिए मॉडल बन रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विजन और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के तकनीकी तालमेल से तैयार यह ‘स्मार्ट पंजीयन मॉडल’ न केवल छत्तीसगढ़ में सुशासन की नई मिसाल पेश कर रहा है, बल्कि देश के दूसरे राज्यों के लिए भी एक रोल मॉडल बनता जा रहा है। इन सुधारों से अब आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से आजादी मिल गई है।
