रायपुर, 2 जून 2026: छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आज मंत्रालय (महानदी भवन), नवा रायपुर में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण सीएम हेल्पलाइन (1076) के विभागीय नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया था। इसमें राज्य शासन के सभी विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

सुशासन का सबसे सशक्त माध्यम: सचिव
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन आम नागरिकों तक सुशासन पहुँचाने का सबसे सशक्त और सुलभ माध्यम है। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आम जनता से मिलने वाली शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
शिकायतों का ऑटोमैटिक ट्रांसफर (L-1 से L-4 स्तर)
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को आधुनिक शिकायत प्रबंधन प्रणाली (Grievance Redressal System) के व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत तकनीकी जानकारी दी गई।

- समय पर एक्शन: यदि किसी शिकायत का समय पर निराकरण नहीं होता है, तो वह सिस्टम के माध्यम से स्वचालित (ऑटोमैटिक) रूप से अगले स्तर पर चली जाएगी।
- चार स्तरीय व्यवस्था: तकनीकी प्रक्रिया के तहत शिकायतें एल-1 (L-1) से लेकर एल-4 (L-4) स्तर तक स्वतः ट्रांसफर हो सकेंगी।
- फीडबैक सिस्टम: नागरिकों से उनकी संतुष्टि का फीडबैक लेने की पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।
व्हाट्सएप और ऐप से भी दर्ज होंगी शिकायतें
सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल ने बताया कि इस आधुनिक सिस्टम के लागू होने से शिकायत निवारण दर और नागरिक संतुष्टि दोनों में तेजी से सुधार आएगा। आगामी लॉन्चिंग के बाद राज्य के नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए कई माध्यमों का उपयोग कर सकेंगे।
अब जनता सीधे इन माध्यमों से जुड़ सकेगी:
- टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल करके
- आधिकारिक वेब पोर्टल के जरिए
- समर्पित मोबाइल ऐप के माध्यम से
- व्हाट्सएप (WhatsApp) चैट के द्वारा
इस नए और आधुनिक सिस्टम से छत्तीसगढ़ में जनता की समस्याओं का घर बैठे त्वरित और पारदर्शी समाधान हो सकेगा।
