नक्सलगढ़ में चमका सुकमा का लाल: किसान के बेटे बारसे रोशन ने पास की जेईई एडवांस परीक्षा

विशेष संवाददाता
रायपुर/सुकमा, 6 जून 2026नक्सल प्रभावित सुकमा के किसान पुत्र बारसे रोशन ने जेईई एडवांस में लहराया परचम, जिला प्रशासन उठाएगा आगे की पढ़ाई का पूरा खर्च

चुनौतियां चाहे कितनी भी बड़ी हों, अगर हौसले बुलंद हों तो सफलता कदम चूमती है। इस बात को सच कर दिखाया है सुदूर वनांचल और नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुकमा के एक होनहार छात्र ने। सुकमा जिले के झापरा क्षेत्र के रहने वाले बारसे रोशन ने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा ‘जेईई एडवांस 2026’ (JEE Advanced 2026) में कमाल कर दिया है। उन्होंने इस परीक्षा में कैटेगरी रैंक 634 हासिल की है। उनकी इस बड़ी कामयाबी से पूरे सुकमा जिले में खुशी की लहर है।

साधारण किसान परिवार से हैं रोशन
बारसे रोशन एक बेहद साधारण परिवार से आते हैं। उनके माता-पिता खेती-किसानी करते हैं और बहुत मेहनत से अपने परिवार का पेट पालते हैं। घर की माली हालत ठीक नहीं थी और पढ़ाई के लिए जरूरी साधनों की भी कमी थी। लेकिन रोशन ने इन दिक्कतों को अपने रास्ते का रोड़ा नहीं बनने दिया। उन्होंने दिन-रात कड़ी मेहनत की और देश स्तर की इस परीक्षा में शानदार सफलता पाई।

कलेक्टर ने किया सम्मानित, पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार
रोशन की इस बड़ी जीत पर सुकमा जिला प्रशासन ने उन्हें खास तौर पर सम्मानित किया। तुंगल डेम में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। वहां सुकमा कलेक्टर श्री अमित कुमार ने रोशन को शाल और श्रीफल देकर बधाई दी।

इस मौके पर कलेक्टर ने एक बड़ा ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि रोशन की आगे की पढ़ाई के लिए पैसों की कमी कभी आड़े नहीं आएगी। जिला प्रशासन रोशन की कॉलेज की पूरी फीस खुद भरेगा। अब रोशन बिना किसी पैसे की चिंता के देश के सबसे अच्छे कॉलेज में अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।

‘क्षितिज कोचिंग’ बन रही है बच्चों का सहारा
सुकमा के गांवों और आदिवासी इलाकों के बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन वहां ‘क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट’ चला रहा है। यह कोचिंग कलेक्टर श्री अमित कुमार और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री मुकुन्द ठाकुर की देखरेख में चल रही है। जिला शिक्षा अधिकारी और नोडल अधिकारी भी इस पर पूरा ध्यान दे रहे हैं। इसी कोचिंग की मदद से आज रोशन जैसे गरीब बच्चों को मुफ्त और अच्छी पढ़ाई मिल पा रही है, जिससे वे बड़े-बड़े मुकाम हासिल कर रहे हैं।

रोशन की इस सफलता ने सुकमा के दूसरे बच्चों को भी आगे बढ़ने और बड़े सपने देखने का हौसला दिया है।

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