रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में मुख्य सचिव ने सरकारी योजनाओं की प्रगति की बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि जनता से जुड़े कामों में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। शासन के सबसे जरूरी कार्यों को पहली प्राथमिकता दी जाए।

मुख्य सचिव ने बैठक में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बैठक की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- योजनाओं की कड़ाई से निगरानी: मुख्य सचिव ने कहा कि अधिकारी केवल योजनाएं न बनाएं, बल्कि उनके पूरा होने तक लगातार नजर रखें।
- डिजिटल कामकाज पर जोर: बैठक में ई-ऑफिस और ई-अटेंडेंस को लेकर चर्चा हुई। दफ्तरों में कामकाज को तेज और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए।
- प्रमुख योजनाओं की समीक्षा: ‘पीएम सूर्य घर बिजली योजना’, ‘सेवा सेतु’, ‘लोक सेवा गारंटी’ और ‘टीबी मुक्त भारत’ जैसे बड़े अभियानों की प्रगति की जानकारी ली गई। साथ ही ‘नियद नेल्लानार’ डैशबोर्ड और ‘पीएम प्रगति पोर्टल’ के कामकाज को भी देखा गया।
- खाली पदों को भरने की तैयारी: मुख्य सचिव ने सभी विभागों से खाली पड़े पदों की ताजा जानकारी मांगी। उन्होंने कर्मचारी चयन मंडल के कामों में तेजी लाने के निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग को दिए।

बैठक में ये बड़े अधिकारी रहे मौजूद
इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, और गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह मौजूद रहीं।
इनके साथ ही मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और अन्य सभी विभागों के सचिव भी बैठक में शामिल हुए। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ तय समय में काम पूरा करने को कहा है।
