विशेष संवाददाता, रायपुर/सुकमा
08 जून 2026।नक्सल प्रभावित पुवर्ती गांव में लगा ‘सुशासन तिहार 2026’ शिविर, गांव में ही मिले आयुष्मान और राशन कार्ड; ग्रामीणों के चेहरे खिले
सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड का दूरस्थ ग्राम पुवर्ती कभी नक्सली साये के कारण विकास की मुख्यधारा से कटा हुआ था। लेकिन अब वहां बदलाव की एक नई सुबह देखने को मिल रही है। सोमवार को इस दूरस्थ गांव में ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत एक विशाल शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर स्थानीय ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत और प्रशासन के प्रति विश्वास का केंद्र बनकर उभरा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासन को सीधे जनता के द्वार तक ले जा रही है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन ने गांव में पहुंचकर लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया।

कलेक्टर के मार्गदर्शन में बांटे 100 से अधिक दस्तावेज
कलेक्टर श्री अमित कुमार के दिशा-निर्देश में लगे इस शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ तुरंत दिया गया। शिविर के दौरान अधिकारियों ने एक ही छत के नीचे 100 से अधिक जरूरी सरकारी दस्तावेज बनाकर बांटे। इनमें मुख्य रूप से आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, नए बैंक खाते, बी-1, खसरा, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र शामिल हैं। वर्षों से इन कागजातों के लिए ब्लॉक और जिला मुख्यालय के चक्कर काटने वाले ग्रामीणों को जब अपने ही घर-आंगन में ये दस्तावेज मिले, तो उनके चेहरे खुशी से चमक उठे।

मुफ्त इलाज और जांच की सुविधा
शिविर में स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम भी मौजूद रही। डॉक्टरों की टीम ने गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण किया। ग्रामीणों को मौसमी बीमारियों से बचाव के तरीके बताए गए और उन्हें मुफ्त दवाइयां भी बांटी गईं। इस दौरान जिला प्रशासन के बड़े अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनसे सीधा संवाद किया। अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें सुनीं और बहुत से मामलों का तुरंत समाधान भी किया।
गर्भवती महिलाओं की हुई गोद भराई
यह शिविर केवल कागजात बनाने और इलाज तक ही सीमित नहीं रहा। यहां महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से एक सुंदर सांस्कृतिक माहौल भी देखने को मिला। विभाग के कर्मचारियों ने गांव की गर्भवती महिलाओं के लिए पारंपरिक ‘गोद भराई’ कार्यक्रम का आयोजन किया। सरकारी शिविर में इस तरह के आत्मीय आयोजन से ग्रामीणों में अपनत्व और सहभागिता का भाव जागा। लोगों को महसूस हुआ कि सरकार उनके सुख-दुख में उनके साथ खड़ी है।
ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने कहा कि यह उनके जीवन में पहली बार है जब सरकार और प्रशासन खुद चलकर उनके घर तक पहुंचे हैं। अब उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए दूर-दराज के दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इससे उनके समय और पैसे दोनों की बड़ी बचत हो रही है। ग्रामीणों ने इस अनूठी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन को दिल से धन्यवाद दिया।
इस पूरे गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान कोंटा के तहसीलदार श्री योपेंद्र पात्रे सहित अलग-अलग विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी जमीन पर डटे रहे। प्रशासन का मानना है कि दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों में ऐसे शिविरों के आयोजन से जनता और सरकार के बीच का रिश्ता और मजबूत होगा।
