₹755 करोड़ की रेल परियोजना को मंजूरी, सीएम विष्णु देव साय ने पीएम मोदी का जताया आभार

रायपुर17 जून ।छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी सौगात: ₹755 करोड़ की चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन को केंद्र की हरी झंडी

छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। भारतीय रेलवे ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के तहत ₹755 करोड़ की चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को अपनी मंजूरी दे दी है。 इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना ‘विकसित छत्तीसगढ़’ और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में एक मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल कोयला परिवहन की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि यात्री सुविधाओं, औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी एक नई मजबूती मिलेगी।

🛤️ 42 किलोमीटर लंबा होगा नया रेल कॉरिडोर

रेल मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना के तहत चांपा और कोरबा के बीच 42 किलोमीटर लंबी तीसरी रेलवे लाइन का निर्माण किया जाएगा।

  • इस रूट में पहले से स्वीकृत मड़वारानी-सरगबुंदिया खंड को छोड़कर शेष हिस्से पर काम किया जाएगा।
  • इस कॉरिडोर को भारतीय रेलवे के ‘मिशन 3000 मीट्रिक टन’ और ‘उच्च घनत्व नेटवर्क’ (HDN) योजना के तहत चुना गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य माल ढुलाई को तेज करना है。

⚡ ऊर्जा सुरक्षा और कोयला परिवहन को मिलेगी नई गति

कोरबा को देश की ऊर्जा राजधानी कहा जाता है। यह नई रेल लाइन देश की बिजली आपूर्ति को बनाए रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगी:

  • कोयला क्षेत्रों का सीधा जुड़ाव: यह नया ट्रैक साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) के कोयला क्षेत्रों को देश के मुख्य रेल नेटवर्क और मुंबई-हावड़ा कॉरिडोर से सीधे जोड़ेगा।
  • बिजली घरों को राहत: ट्रेनों की आवाजाही आसान होने से देश के विभिन्न राज्यों में स्थित पावर प्लांटों तक कोयला बिना किसी रुकावट के और बहुत तेजी से पहुंच सकेगा。

👥 यात्रियों को मिलेगी लेटलतीफी से बड़ी राहत

मालगाड़ियों के दबाव के कारण इस रूट पर अक्सर यात्री ट्रेनें प्रभावित होती थीं, लेकिन तीसरी लाइन बनने से आम जनता को बड़ा फायदा होगा:

  • अतिरिक्त यात्री ट्रेनें: इस नई लाइन के शुरू होने से इस रूट पर कम से कम दो अतिरिक्त यात्री ट्रेन सेवाएं चलाई जा सकेंगी।
  • समय की बचत: ट्रैक पर दबाव कम होने से ट्रेनों की लेटलतीफी पूरी तरह बंद होगी और यात्री समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
  • आर्थिक उन्नति: व्यापार सुगम होने और समय की बचत होने से स्थानीय स्तर पर छोटे-बड़े व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा और नए रोजगार पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वास जताया है कि बुनियादी ढांचे का यह विकास छत्तीसगढ़ के हर नागरिक की खुशहाली का नया रास्ता खोलेगा।

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