वीरता और स्वाभिमान का अप्रतिम प्रतीक हैं वीरांगना रानी दुर्गावती: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर, 24 जून:

  • मुगल सेना के सामने घुटने टेकने के बजाय मातृभूमि के लिए दिया सर्वोच्च बलिदान
  • जो समाज अपने महापुरुषों और इतिहास को भूल जाता है, उसका भविष्य संकट में पड़ जाता है: मुख्यमंत्री
  • प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र पर आगे बढ़ रहा देश

  • मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के केनाल लिंकिंग रोड पर स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस गरिमामय अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती का अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास की एक अमूल्य धरोहर है। उनका पूरा जीवन राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का सबसे बड़ा उदाहरण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रानी दुर्गावती के प्रेरक जीवन और उनके ऐतिहासिक संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उनका शौर्य और त्याग आज भी करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा का एक प्रकाश स्तंभ है। उनकी गौरवगाथा हमें यह सिखाती है कि विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी साहस, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कैसे आगे बढ़ा जाता है।

इतिहास और विरासत को सहेजना आवश्यक
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक चेतना पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज के लिए अपने महान नायकों और गौरवशाली इतिहास को याद रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि जो समाज अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को विस्मृत (भूल) कर देता है, उसका भविष्य भी संकटग्रस्त हो जाता है। इसके विपरीत, जो समाज अपने महापुरुषों को कृतज्ञता और पूरे सम्मान के साथ याद रखता है, उसका भविष्य सदैव उज्ज्वल और सुरक्षित होता है।

अंतिम सांस तक मुगलों से लिया लोहा
रानी दुर्गावती के ऐतिहासिक युद्ध प्रसंगों का उल्लेख करते हुए श्री साय ने कहा कि उन्होंने तत्कालीन मुगल साम्राज्य की विशाल सेना के सामने घुटने टेकने के बजाय अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। अंतिम क्षण तक संघर्ष करते हुए उन्होंने मातृभूमि की रक्षा और अपने स्वाभिमान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और वीरगति को प्राप्त हुईं। उनका यह बलिदान भारतीय इतिहास में साहस का एक ऐसा अप्रतिम अध्याय है, जिसे हमेशा आदर के साथ याद किया जाएगा।

‘विकास भी, विरासत भी’ का संकल्प
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि आज आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पूरा देश “विकास भी, विरासत भी” के मूल मंत्र पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास की कोई भी यात्रा तभी सार्थक और सफल होती है, जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना और महान विभूतियों के योगदान को पूरी तरह संरक्षित करें। रानी दुर्गावती ने समाज में जिस राष्ट्रचेतना और संघर्ष की भावना का संचार किया था, वह आज के आधुनिक समाज को भी सही दिशा दिखाने का काम कर रही है।

इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने वीरांगना रानी दुर्गावती को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *