रायपुर 25 जून । विश्व पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा छत्तीसगढ़ का सिरपुर, ‘एकीकृत विकास परियोजना’ को मिली रफ्तार; यूनेस्को हेरिटेज और लाइट एंड साउंड शो समेत होंगे कई बड़े काम
छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर ‘सिरपुर’ को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में मंत्रालय में सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना संबंधी अंतर्विभागीय समिति की दूसरी उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में सिरपुर को विश्वस्तरीय विरासत गंतव्य (वर्ल्ड क्लास हेरिटेज डेस्टिनेशन) बनाने के लिए कई ऐतिहासिक और कड़े फैसले लिए गए हैं।

बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), जिला प्रशासन महासमुंद, वन विभाग और सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SADA) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
📌 बैठक में लिए गए मुख्य और महत्वपूर्ण निर्णय:
- यूनेस्को विश्व विरासत सूची की तैयारी: सिरपुर को यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए तेजी से काम किया जाएगा।
- आधुनिक लाइट एंड साउंड शो: पर्यटकों को सिरपुर के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराने के लिए अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो शुरू होगा।
- महानदी में बांस राफ्टिंग: साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महानदी के तट पर बांस राफ्टिंग (Bamboo Rafting) की शुरुआत की जाएगी।
- सिरपुर महोत्सव का भव्य आयोजन: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सिरपुर महोत्सव को नए और भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।
- विश्वस्तरीय पर्यटक सुविधाएं: पर्यटकों के रुकने, सुरक्षा और परिवहन के लिए आधुनिक अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) का तेजी से विस्तार होगा।
🏛️ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक हब बनेगा सिरपुर
पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारती दासन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सिरपुर के विकास में इसकी ऐतिहासिक और पुरातात्विक मौलिकता को बनाए रखा जाए। यहाँ के बौद्ध स्तूप, लक्ष्मण मंदिर और अन्य प्राचीन स्मारकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। अंतर-विभागीय समन्वय से बुनियादी सुविधाओं, जैसे बेहतर सड़कें, शुद्ध पेयजल, सूचना केंद्र और गाइड कनेक्टिविटी को तुरंत दुरुस्त किया जाएगा।
🏞️ पर्यावरण और रोजगार पर विशेष ध्यान
परियोजना के तहत स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग और स्थानीय प्रशासन मिलकर काम करेंगे। महानदी के प्राकृतिक स्वरूप को बिना नुकसान पहुँचाए इको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को जोड़ा जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को गाइड, हॉस्पिटैलिटी और हस्तशिल्प व्यापार में सीधे रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
इस महापरियोजना के जमीनी स्तर पर उतरने के बाद सिरपुर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश के सबसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्रों में से एक बनकर उभरेगा।
