कबीर का संदेश राष्ट्र का पथप्रदर्शक, बिजली बिल राहत योजना 3 महीने और बढ़ी: सीएम साय की बड़ी घोषणा

रायपुर, 29 जून 2026: सोनपैरी कबीर आश्रम में उमड़ा जनसैलाब: राज्यपाल बोले- कबीर का संदेश राष्ट्र का पथप्रदर्शक; सीएम साय की बड़ी घोषणा- 3 महीने बढ़ी बिजली बिल राहत योजना

राजधानी रायपुर के समीपस्थ ग्राम सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में कबीर जयंती के पावन अवसर पर आयोजित ‘संत कबीर महोत्सव’ अध्यात्म, सेवा, पर्यावरण और राजकीय घोषणाओं के ऐतिहासिक महासंगम के रूप में संपन्न हुआ। इस भव्य और गरिमामयी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। दोनों ही शीर्ष नेताओं ने कबीर पंथ के प्रख्यात संत गुरु असंग देव महाराज का श्रद्धापूर्वक आशीर्वाद लिया और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की मंगल कामना की।

इस अवसर पर मंच को सुशोभित करते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कबीर जयंती के इस महापर्व में छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों से हजारों की संख्या में कबीर पंथी अनुयायी पहुंचे, जिससे पूरा आश्रम परिसर ‘साहेब बंदगी’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

कबीर के सिद्धांतों पर चलकर मजबूत होगी सामाजिक समरसता: राज्यपाल

समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर दास जी के विचार और उनकी अमर वाणी किसी एक कालखंड के लिए नहीं, बल्कि युगों-युगों तक मानव समाज का मार्गदर्शन करने वाली है। उन्होंने कहा, “कबीर साहब ने समाज को जो भाईचारे, समानता और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया था, वह आज भी हमारे समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए सबसे बड़ा पथप्रदर्शक है। जब तक हम उनके विचारों को अपने आचरण में नहीं उतारेंगे, तब तक एक सशक्त और अखंड राष्ट्र की कल्पना अधूरी है।”

साय सरकार कबीर के अंत्योदय संकल्प को कर रही साकार: मुख्यमंत्री

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में कबीर जयंती की बधाई देते हुए कहा कि संत कबीर के दिखाए मार्ग और उनके ऊंचे आदर्शों पर चलकर ही समाज में समरसता, आपसी सद्भाव और निस्वार्थ सेवा की भावना को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कबीर पंथ के मानवतावादी दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा, “हमारी सरकार संत कबीर के सिद्धांतों के अनुरूप ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने (अंत्योदय) और लोक-कल्याण के संकल्प को निरंतर पूरा कर रही है।”

‘एक पेड़ मां के नाम’: दिग्गजों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का महासंदेश

महोत्सव के दौरान पर्यावरण को सुरक्षित रखने के संकल्प के साथ आश्रम परिसर में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री श्री साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने स्वयं अपने हाथों से पौधे रोपे। इस दौरान नेताओं ने वहां उपस्थित विशाल जनसमुदाय से अपील की कि वे देशव्यापी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ें। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उस पौधे के वृक्ष बनने तक उसकी सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी भी हम सबको उठानी होगी।

बिजली उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात: 3 महीने बढ़ी समाधान योजना

कबीर महोत्सव के इस विशाल मंच से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता और बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद संवेदनशील और बड़ी राहत देने वाली घोषणा की। मुख्यमंत्री ने एलान किया कि ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ की अवधि को अगले 3 महीनों के लिए और बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बढ़ी हुई अवधि में उपभोक्ताओं को उनके लंबित बिजली बिलों पर लगने वाले भारी सरचार्ज (विलंब शुल्क) में बड़ी राहत और माफी दी जाएगी। इसके साथ ही योजना में बेहद आकर्षक, सुलभ और सरल प्रावधान जोड़े गए हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय ग्रामीण व शहरी उपभोक्ता अपने लंबे समय से रुके हुए बिजली बिलों का बिना किसी आर्थिक बोझ के आसानी से भुगतान कर सकें।

पाखंड छोड़ सेवा और परमार्थ को बनाएं जीवन का आधार: गुरु असंग देव

आश्रम के प्रमुख और प्रख्यात आध्यात्मिक संत गुरु असंग देव जी ने अपने अमृत वचनों से श्रद्धालुओं को निहाल किया। उन्होंने कहा कि संत कबीर ने समाज में फैले पाखंड, अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियों और बाह्य आडंबरों को समूल समाप्त करने के लिए ही इस धरती पर अवतार लिया था। वर्तमान समय पर चिंता व्यक्त करते हुए गुरु जी ने कहा कि आधुनिक समाज में इंसानों के बीच आपसी प्रेम, आत्मीयता और संवाद लगातार कम होता जा रहा है, जो समाज के भविष्य के लिए बेहद चिंताजनक है।

गुरु असंग देव ने मानव जीवन की सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सेवा, परमार्थ, गौसेवा, वृक्षारोपण और ग्राम विकास को ही हमें अपने जीवन का मूल आधार बनाना चाहिए, क्योंकि सांसारिक वस्तुओं में नहीं बल्कि निस्वार्थ सेवा से ही सच्चा आत्मिक सुख और परम संतोष प्राप्त होता है।

बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब बह रही विकास की गंगा

प्रदेश की बदलती कानून-व्यवस्था और चहुंमुखी विकास की सराहना करते हुए गुरु असंग देव जी ने मंच से कहा कि छत्तीसगढ़ में अब सुरक्षा और विकास का नया सवेरा हुआ है। उन्होंने कहा, “एक समय था जब नक्सलवाद के खौफ के कारण छत्तीसगढ़ के आंतरिक और वनांचल क्षेत्रों में जाना भी बेहद कठिन और जानलेवा था। लेकिन आज साय सरकार के प्रयासों से वहां शांति और विश्वास स्थापित हो चुका है और विकास की अविरल गंगा बह रही है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों के लिए पक्के आवासों का निर्माण तीव्र गति से हो रहा है, जो इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ राज्य अब एक नए स्वर्णिम और प्रगतिशील युग में प्रवेश कर चुका है।

⚡ साय सरकार का बड़ा फैसला: बिजली उपभोक्ताओं को सरचार्ज माफी के साथ 3 महीने की और मोहलत

  • समय-सीमा में विस्तार: ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ की अवधि को 3 महीने के लिए और आगे बढ़ा दिया गया है। [context]
  • ब्याज और पेनल्टी माफ: लंबे समय से लंबित बिजली बिलों पर लगने वाले भारी सरचार्ज (विलंब शुल्क) को पूरी तरह माफ किया जाएगा। [context]
  • आसान और सुलभ नियम: मध्यम और गरीब वर्ग के उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए भुगतान की प्रक्रिया को बेहद सरल और आकर्षक बनाया गया है। [context]
  • राहत की पहल: इस फैसले से उन लाखों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी जो आर्थिक तंगी के कारण अपना पुराना बिल नहीं चुका पा रहे थे।

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