रायपुर, 29 जून 2026।
डिजिटल सुशासन की बड़ी क्रांति: साय सरकार का ‘सेवा सेतु’ पोर्टल बना छत्तीसगढ़ के आमजन की उम्मीदों का नया आधार
- घर बैठे मिल रहे जाति, निवास जैसे जरूरी सर्टिफिकेट; समय और पैसे की बड़ी बचत।
- दफ्तरों के चक्करों से मिली मुक्ति, रायगढ़ के अजय को मिला स्थायी जाति प्रमाण पत्र तो खुले रोजगार के रास्ते।
- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की जनहितैषी सोच से प्रशासनिक व्यवस्था में आई पारदर्शिता, ग्रामीणों में बढ़ा भरोसा।

- छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन, पारदर्शिता और तकनीकी सुधारों की एक नई बयार चल रही है। राज्य सरकार की जनहितैषी सोच का सबसे बड़ा और सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है ‘सेवा सेतु’ पोर्टल। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म आज प्रदेश के लाखों ग्रामीण और शहरी नागरिकों के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद माध्यम बन चुका है। जो शासकीय सेवाएं कभी आमजन के लिए सिरदर्द हुआ करती थीं, वे अब घर बैठे बेहद सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सीधे जनता तक पहुँच रही हैं। इससे आम नागरिकों के समय और धन दोनों की ऐतिहासिक बचत हो रही है, जिससे जनता का शासन और प्रशासन पर विश्वास और गहरा हुआ है।
दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति, ‘डिजिटल सुशासन’ का लाइव उदाहरण
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस दूरदर्शी सोच का सीधा लाभ जमीनी स्तर पर कैसे मिल रहा है, इसकी एक बानगी रायगढ़ जिले में देखने को मिली है। रायगढ़ जिले की पुसौर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम भाठनपाली के निवासी श्री अजय कुमार प्रधान की कहानी इस डिजिटल क्रांति का जीता-जागता प्रमाण है।
अजय कुमार लंबे समय से अपना स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परेशान थे। वे लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे। बार-बार तहसील कार्यालय जाने के कारण उनका न केवल कीमती समय बर्बाद हो रहा था, बल्कि आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा था। इतनी भागदौड़ के बाद भी समय पर प्रमाण पत्र न मिलने के कारण वे कई महत्वपूर्ण सरकारी नौकरियों में आवेदन करने से वंचित रह जाते थे, जिससे उनका भविष्य अधर में लटका हुआ था।
‘सेवा सेतु’ ने बदला अजय का भविष्य, खुले रोजगार के द्वार
इसी मानसिक और आर्थिक परेशानी के बीच अजय को राज्य सरकार के ‘सेवा सेतु’ पोर्टल की जानकारी मिली। उन्होंने बिना वक्त गंवाए अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर दिया। अजय ने बताया कि इस पोर्टल की पूरी कार्यप्रणाली बेहद सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक है। सबसे खास बात यह रही कि आवेदन करने के बाद उन्हें किसी दफ्तर नहीं जाना पड़ा।
निर्धारित समय-सीमा (Time-limit) के भीतर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उनके दस्तावेजों की जांच की गई, आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें घर बैठे ही अपना स्थायी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। इस डिजिटल सेवा ने न केवल अजय की वर्षों पुरानी समस्या का चुटकियों में समाधान कर दिया, बल्कि अब उनके लिए सरकारी नौकरियों और रोजगार के नए अवसरों के बंद दरवाजे भी हमेशा के लिए खोल दिए हैं।
ग्रामीणों में बढ़ा भरोसा, दलालों के राज पर लगा पूरी तरह अंकुश
अजय कुमार जैसे छत्तीसगढ़ के लाखों युवा और ग्रामीण आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस व्यवस्था को धन्यवाद दे रहे हैं। ‘सेवा सेतु’ पोर्टल ने सरकारी कामकाज से बिचौलियों और दलालों के राज को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब हर आवेदन की ट्रैकिंग ऑनलाइन होती है, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही तय हुई है। भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और सीधे जनता को सशक्त बनाने की मुख्यमंत्री साय की इस नीति ने सुशासन (Good Governance) को छत्तीसगढ़ के गांव-गांव तक पहुंचा दिया है।
📌 ‘सेवा सेतु’ पोर्टल: क्यों बना यह जनता का सच्चा साथी?
- घर बैठे सेवाएं: जाति, निवास, आय जैसे दर्जनों जरूरी प्रमाण पत्रों के लिए अब किसी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं।
- भ्रष्टाचार पर लगाम: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से बिचौलियों और दलालों का हस्तक्षेप पूरी तरह समाप्त।
- समयबद्ध समाधान: हर आवेदन के लिए समय-सीमा तय, जिससे अधिकारी समय पर काम करने को मजबूर।
- रोजगार में मददगार: युवाओं को समय पर सर्टिफिकेट मिलने से सरकारी नौकरियों के फॉर्म भरने में अब नहीं होती देरी।
- पारदर्शी ट्रैकिंग: आवेदक अपने मोबाइल से ही जान सकते हैं कि उनका सर्टिफिकेट अभी किस स्तर पर पेंडिंग है।
