साय सरकार का बड़ा फैसला: छत्तीसगढ़ में 3 महीने बढ़ी बिजली बिल समाधान योजना की मियाद, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत

रायपुर 29 जून । ग्रामीण उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: छत्तीसगढ़ में ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ अब 3 महीने और बढ़ी

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ की अवधि को आगामी 3 महीने के लिए बढ़ाने का ऐलान किया है। सरकार का यह फैसला ग्रामीण क्षेत्रों के उन हजारों उपभोक्ताओं के लिए वरदान साबित होगा, जो किसी कारणवश अब तक इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने से चूक गए थे।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का लाभ अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों के कई उपभोक्ता नहीं ले पाए हैं। इसलिए ग्रामीणों की मांग पर इस योजना को 3 महीने के लिए बढ़ा रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र उपभोक्ता इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।”

ग्रामीणों की मांग पर संवेदनशील फैसला

शासन के संज्ञान में यह बात आई थी कि दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी या अन्य व्यावहारिक दिक्कतों की वजह से कई लोग समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे। ग्रामीणों ने लगातार सरकार से इस योजना की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की थी। जनता की इस मांग पर त्वरित और संवेदनशील निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तिथि बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

क्या है योजना और कैसे मिलेगा लाभ?

इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिजली बिल के पुराने बकायेदारों को राहत देना है।

  • ब्याज और पेनाल्टी में छूट: योजना के तहत बकाया बिजली बिलों के निपटारे पर लगने वाले ब्याज और सरचार्ज (पेनाल्टी) को माफ किया जाता है।
  • किश्तों में भुगतान: उपभोक्ता अपने मूल बकाये की राशि को आसान किश्तों में जमा कर सकते हैं।
  • कटे कनेक्शन जुड़ेंगे: जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन बिल न पटाने के कारण कट चुके हैं, वे इस योजना के जरिए अपना बकाया सुलझाकर दोबारा बिजली पा सकते हैं।

सख्ती नहीं, समाधान पर जोर: विद्युत कंपनी
मामले में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के इस फैसले से विभागीय अमले को ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का मौका मिलेगा। अधिकारियों ने कहा, “हमारा उद्देश्य उपभोक्ताओं पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि उन्हें राहत देना है। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर (कैंप) लगाकर छूटे हुए उपभोक्ताओं के आवेदन ऑन-स्पॉट लिए जाएंगे। बिजली बंद होने की कगार पर खड़े परिवारों के लिए यह बकाया मुक्त होने का सुनहरा मौका है।”

विभागीय अमले को मुस्तैद रहने के निर्देश

समय-सीमा बढ़ने के बाद अब बिजली विभाग के मैदानी अमले को गांवों में शिविर लगाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस अतिरिक्त समय का उपयोग कर ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक डिफॉल्टर उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठाकर अपने खातों को नियमित करा सकें। सरकार के इस कदम से न सिर्फ आम जनता को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि बिजली कंपनियों के सालों से फंसे राजस्व की वसूली भी तेज होगी।

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