नक्सल गढ़ में स्वास्थ्य क्रांति: सुकमा के उप स्वास्थ्य केंद्र को मिला राष्ट्रीय ‘NQAS’ मेडल, 93% अंकों के साथ देश में बजा डंका!

रायपुर/सुकमा, 2 जुलाई 2026सुकमा के उप स्वास्थ्य केंद्र को मिला राष्ट्रीय एनक्वास प्रमाणपत्र, 93.04% अंकों के साथ देश के लिए बना मॉडल
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण सुकमा जिले से सामने आया है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बदौलत विकासखंड सुकमा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 को भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणपत्र से नवाजा गया है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के साथ ही अब अकेले सुकमा जिले के कुल 17 स्वास्थ्य केंद्र राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्र हासिल कर चुके हैं। केंद्र ने भारत सरकार के कड़े राष्ट्रीय मूल्यांकन में 93.04 प्रतिशत का अनुकरणीय स्कोर प्राप्त किया है, जो देश के बड़े-बड़े शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के लिए भी एक मिसाल है।

पूरी टीम की मेहनत और समर्पण का परिणाम

यह बड़ी सफलता स्वास्थ्य केंद्र में तैनात जांबाज और समर्पित स्वास्थ्य टीम की कार्यप्रणाली का नतीजा है। विपरीत परिस्थितियों में भी ग्रामीणों की सेवा में जुटे सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) श्री मणीन्द्र कुर्रे, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक श्रीमती रेणूका सूना और श्री माड़वी हिड़मा समेत पूरी टीम की दिन-रात की मेहनत ने आज सुकमा का नाम राष्ट्रीय पटल पर चमकाया है।

क्या है एनक्वास (NQAS) प्रमाणपत्र?

यह प्रमाणपत्र भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा केवल उन्हीं चुनिंदा स्वास्थ्य संस्थानों को दिया जाता है, जो बेहद कड़े और उच्च गुणवत्ता के मानकों पर खरे उतरते हैं। सुकमा-01 केंद्र का मूल्यांकन इन प्रमुख बिंदुओं पर किया गया:

  • मरीजों की उच्च संतुष्टि और बेहतर व्यवहार।
  • अस्पताल परिसर में उत्कृष्ट स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण।
  • सुरक्षित मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं
  • मानसिक स्वास्थ्य, संचारी (Infectious) और गैर-संचारी रोगों की नियमित देखभाल।
  • हाई-टेक प्रयोगशाला (लैब) सेवाएं और सुदृढ़ स्वास्थ्य प्रबंधन।

7,417 ग्रामीणों को मिल रहा संजीवनी का सहारा

कभी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसने वाला यह क्षेत्र आज आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस हो चुका है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 में अब:

  • आधुनिक प्रसव कक्ष (Labor Room): जहां सुरक्षित और संस्थागत प्रसव कराए जा रहे हैं।
  • सुसज्जित प्रयोगशाला: मरीजों को गांव में ही जांच की सुविधाएं मिल रही हैं।
  • प्रशिक्षित स्टाफ: हर आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार स्वास्थ्य कर्मी।

यह केंद्र वर्तमान में सुदूर अंचल के लगभग 7,417 ग्रामीणों को पूरी तरह से मुफ्त, सुरक्षित और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।

देश के आकांक्षी जिलों के लिए बना ‘सुकमा मॉडल’

सुकमा जैसे चुनौतीपूर्ण भौगोलिक और सामाजिक परिवेश वाले जिले में यह बड़ी उपलब्धि साबित करती है कि मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति और मैदानी स्तर पर योजनाओं के सही क्रियान्वयन से हर बाधा को पार किया जा सकता है। आज सुकमा का यह हेल्थ मॉडल न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश के अन्य सभी आकांक्षी (Aspirational) जिलों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभरा है।

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