रायपुर, 2 जुलाई (2026)। कर्मचारियों को बड़ी सौगात: छत्तीसगढ़ सरकार देगी अल्पावधि ऋण, सुशासन के साथ मिलेगी त्वरित वित्तीय राहतमुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा फैसला: ई-कोष (e-Kosh) प्रणाली से मिलेगा शॉर्ट टर्म क्रेडिट, कागजी कार्रवाई और दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति

छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों के हित में एक और बड़ा और संवेदनशील कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार राज्य शासन ने शासकीय सेवकों के लिए अल्पावधि ऋण (Short Term Credit) की विशेष सुविधा प्रारंभ की है। इस जनकल्याणकारी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को अचानक आने वाली आकस्मिक वित्तीय आवश्यकताओं (Emergency Funds) के समय त्वरित, सरल और पारदर्शी ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें किसी भी असुविधाजनक या अनौपचारिक वित्तीय स्रोतों (जैसे ऊंची ब्याज दरों वाले निजी कर्जदारों) पर निर्भर न रहना पड़े।
ई-कोष से जुड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म: घर बैठे होगा सारा काम
राज्य सरकार की यह नई ऋण सुविधा पूरी तरह आधुनिक तकनीक पर आधारित है। इसे छत्तीसगढ़ शासन की ई-कोष (e-Kosh) प्रणाली से एकीकृत (Integrated) किया गया है। पूरी प्रक्रिया 100% ऑनलाइन और डिजिटल होगी। इसके शुरू होने से अब कर्मचारियों को ऋण लेने के लिए अनावश्यक कागजी कार्रवाई नहीं करनी होगी और न ही शासकीय कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ेंगे।
सुशासन, पारदर्शिता और आर्थिक सुरक्षा हमारी प्रतिबद्धता: मुख्यमंत्री
इस ऐतिहासिक निर्णय पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा, “हमारी सरकार शासकीय कर्मचारियों के कल्याण और उनकी आर्थिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। संकट या जरूरत के समय कर्मचारियों को त्वरित, सरल और पारदर्शी वित्तीय सहायता मिले, इसी ध्येय के साथ हमने अल्पावधि ऋण सुविधा शुरू की है। यह पूरी डिजिटल व्यवस्था सुरक्षित और समयबद्ध है। हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से कर्मचारियों के हितों को निरंतर सुदृढ़ कर रही है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह व्यवस्था पूर्णतः डिजिटल और सुरक्षित है, जिससे कर्मचारियों को एक सम्मानजनक और सुविधाजनक वित्तीय विकल्प मिलेगा।
📌 मुख्य बिंदु (Highlights): जानिए कैसे काम करेगी यह व्यवस्था
- एम्प्लॉयी कॉर्नर से सीधे आवेदन: शासकीय कर्मचारी ई-कोष (e-Kosh) पोर्टल के ‘एम्प्लॉयी कॉर्नर’ (Employee Corner) में जाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऋण के लिए सीधे आवेदन कर सकेंगे।
- छिपा हुआ कोई शुल्क नहीं (Zero Hidden Charges): ऋण से संबंधित सभी नियम व शर्तें, ब्याज दर, ईएमआई (EMI), प्रोसेसिंग शुल्क तथा की फैक्ट स्टेटमेंट (Key Fact Statement-KFS) जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां पोर्टल पर पहले से उपलब्ध रहेंगी। इससे कर्मचारी पूरी पारदर्शिता के साथ सोच-समझकर निर्णय ले सकेंगे।
- त्वरित स्वीकृति और वेरिफिकेशन: कर्मचारी अपनी पात्रता (Eligibility) के अनुसार ऋण राशि का चयन करेंगे। इसके बाद ऑनलाइन ई-केवाईसी (e-KYC), डिजिटल प्रमाणीकरण और सहमति (Consent) की प्रक्रिया पूरी होते ही ऋण की राशि तुरंत स्वीकृत कर बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
- वेतन से आसान कटौती: ऋण की मासिक किस्तों (EMI) का भुगतान कर्मचारियों के मासिक वेतन (Salary) से ही निर्धारित ऑटोमैटिक प्रक्रिया के अनुसार आसानी से काट लिया जाएगा।
कर्मचारियों में हर्ष की लहर
सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों शासकीय कर्मचारियों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। चिकित्सा, शिक्षा या किसी भी अन्य घरेलू आपातकाल के समय अब कर्मचारियों को पैसों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इस तकनीकी सुधार को छत्तीसगढ़ में ‘डिजिटल गवर्नेंस’ और ‘कर्मचारी-कल्याण’ की दिशा में साय सरकार का एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
