रायपुर/सुकमा, 2 जुलाई (News Bureau): सुकमा में स्वरोजगार की नई क्रांति: अब साल में 125 दिन काम, 300 रुपये रोज मिलेगी मजदूरी
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक समृद्धि और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राज्य में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) ग्राम योजना’ का शंखनाद कर दिया गया है। सुकमा जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और महिला स्व-सहायता समूहों की भारी मौजूदगी के बीच इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ हुआ।

ग्रामीण परिवारों को मिलेगा बड़ा आर्थिक संबल
इस योजना की सबसे बड़ी ताकत इसकी रोजगार और मजदूरी की गारंटी है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को अब साल में 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार दिया जाएगा। इसके साथ ही, ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी तय की गई है। सरकार का सीधा लक्ष्य ग्रामीण परिवारों की आय में बढ़ोतरी कर उन्हें पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाना है।
सिर्फ मजदूरी नहीं, हुनर और स्वरोजगार पर भी जोर
यह योजना केवल दैनिक मजदूरी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीणों को भविष्य के लिए सक्षम बनाएगी। योजना के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित हैं:
- कौशल विकास: ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आधुनिक कार्यों के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।
- वित्तीय सहायता: स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी।
- स्थानीय रोजगार: गांवों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर आजीविका की गतिविधियां शुरू होंगी।
- महिला सशक्तिकरण: स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से और मजबूत किया जाएगा।
‘विकसित भारत’ के संकल्प से जुड़ा ग्रामीण विकास
सुकमा में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के संबोधन का सीधा (लाइव) प्रसारण भी किया गया। इसमें इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ‘विकसित भारत’ के निर्माण का रास्ता हमारे आत्मनिर्भर गांवों से होकर ही गुजरता है।
जिला प्रशासन ने भरोसा जताया है कि सुकमा के नक्सल प्रभावित और दूरदराज के क्षेत्रों में इस योजना के जमीनी क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। यह योजना बस्तर के वनांचलों में खुशहाली लाने और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।
