​”मैं किसान का बेटा हूँ, जानता हूँ सहकारिता की ताकत” : सीएम विष्णुदेव साय

रायपुर, 3 जुलाई।

​’सहकार से समृद्धि’ का सपना धरातल पर हो रहा साकार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

​* छत्तीसगढ़ में सहकारिता से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था, नक्सलियों के खिलाफ जंग की तरह सहकारिता में भी मिलेगी निर्णायक सफलता

​* 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिला 162 करोड़ रुपये का बोनस, 15 लाख किसानों को 8000 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण

​* प्रदेश में कोई भी पंचायत सहकारिता से अछूती नहीं रहेगी, गठित हुईं 1352 नई सहकारी समितियां:

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय का गठन देश के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ की ‘डबल इंजन’ सरकार सहकारिता के माध्यम से किसानों, वनवासियों, महिला समूहों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के कायाकल्प का सबसे बड़ा माध्यम बताया।

​नक्सलवाद की तरह ग्रामीण विकास में भी मिलेगी निर्णायक सफलता

​मुख्यमंत्री श्री साय ने देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के प्रयासों की सराहना करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन और सुरक्षा बलों के साहस से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिल रही है, ठीक उसी तरह सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी एक बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन लाया जाएगा। सहकारिता ही अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का सबसे सशक्त जरिया बनेगी।

​भावुक हुए मुख्यमंत्री, कहा- “मैं किसान का बेटा हूं”

​अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री अतीत की यादों में खो गए और भावुक होते हुए कहा,

​”मैं खुद एक किसान का बेटा हूं और बचपन से ही सहकारिता से मेरा गहरा नाता रहा है। मुझे हमेशा से विश्वास था कि इस क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं, जो आज प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में धरातल पर सच साबित हो रही हैं।”

​उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रथम कार्यकाल में उनके साथ राज्यमंत्री के रूप में काम करने के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि पीएम मोदी की संवेदनशीलता के कारण ही ‘कृषि मंत्रालय’ का नाम बदलकर ‘कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय’ किया गया था, ताकि नीतियों के केंद्र में सिर्फ खेती नहीं, बल्कि खुद किसान रहे।

​📢 कार्यक्रम की बड़ी सौगातें और प्रमुख घोषणाएं:

  • तेंदूपत्ता संग्राहकों को 162 करोड़ का बोनस: मुख्यमंत्री ने संग्रहण वर्ष 2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि (बोनस) के वितरण का वर्चुअली शुभारंभ किया।
  • ब्याज मुक्त ऋण की बड़ी राहत: श्री साय ने बताया कि कभी किसानों को 16 से 18 प्रतिशत की भारी ब्याज दर पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे वे कर्ज के दलदल में फंस जाते थे। आज हमारी सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से बिना ब्याज के ऋण दे रही है। इस वर्ष प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है।
  • सहकारिता विभाग के ऑनलाइन पोर्टल का आगाज: कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग के नए ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। अब किसानों का पंजीयन पूरी तरह से ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हो सकेगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।
  • नई समितियों का गठन: सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप प्रदेश की कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे, इसके लिए राज्य में रिकॉर्ड 1,352 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है।

​स्टालों का अवलोकन और नवाचारों की सराहना

​मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न सहकारी संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और वनधन समितियों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने जशपुर की हरित क्रांति आदिवासी सहकारी समिति, कोरबा की महामाया बहुउद्देशीय सहकारी समिति, बिलासा हैंडलूम, छत्तीसगढ़ हर्बल्स, नाफेड और दुग्ध महासंघ के उत्पादों की जमकर तारीफ की।

​इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने:

  1. ​5 नवीन पैक्स (PAX) समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किए।
  2. ​छत्तीसगढ़ हर्बल्स के 5 नए उत्पादों का लोकार्पण किया।
  3. ​वन-धन समितियों की हैंडबुक (निर्देशिका) का विमोचन किया।
  4. ​उत्कृष्ट समितियों को सहकार प्रेरणा पुरस्कार तथा उत्कृष्ट तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।

​गरिमामयी उपस्थिति

​इस राज्य स्तरीय महासम्मेलन में सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी श्री केदारनाथ गुप्ता, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम सहित सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, आयुक्त श्री रमेश शर्मा, विभिन्न जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्ष, भारी संख्या में प्रगतिशील किसान और हितग्राही उपस्थित थे।

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