रायपुर, 3 जुलाई।
नगरीय प्रशासन सचिव ने ली रायपुर नगर निगम की मैराथन समीक्षा बैठक; अफसरों को दिए ‘मेहनत की पराकाष्ठा’ करने के कड़े निर्देश
अधिकारियों को दो टूक: स्वीकृत कार्यों को तत्काल करें शुरू, हर 15 दिन में जोन कमिश्नर करेंगे निर्माण कार्यों का ग्राउंड निरीक्षण

राज्य शासन की नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती आर. शंगीता ने आज रायपुर नगर निगम मुख्यालय (महात्मा गांधी सदन) के चतुर्थ तल स्थित सामान्य सभा सभागार में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने दो टूक शब्दों में अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी समझने और जनहित में नागरिकों की मौलिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के कड़े निर्देश दिए। सचिव ने स्पष्ट किया कि रायपुर राज्य की राजधानी है, इसलिए यहां की सफाई व्यवस्था भी राजधानी के गौरव के अनुरूप ही उत्कृष्ट होनी चाहिए। राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर की रैंकिंग सुधारने के लिए उन्होंने अधिकारियों को ‘मेहनत की पराकाष्ठा’ करने का मंत्र दिया।
जल भराव और सफाई पर विशेष फोकस, शत-प्रतिशत हो ‘डोर-टू-डोर’ कचरा कलेक्शन
समीक्षा बैठक के दौरान सचिव श्रीमती आर. शंगीता ने वर्षा ऋतु के मद्देनजर जल भराव वाले क्षेत्रों को तत्काल चिन्हित कर वहां सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि दोबारा जल भराव की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत:
- 100% डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन: शहर के हर वार्ड और घर से शत-प्रतिशत कचरा उठाव प्रभावी तरीके से हो।
- सुव्यवस्थित कचरा परिवहन: कचरा परिवहन की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर समीक्षा और औचक निरीक्षण किया जाए।
- नालंदा परिसर की कमान: नालंदा परिसर की संपूर्ण व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के जोन कमिश्नर को सौंपी गई है।

विकास कार्यों में तेजी लाने और समय पर वेतन भुगतान के निर्देश
सचिव ने विकास कार्यों की कछुआ चाल पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जो कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन तकनीकी कारणों से रुके हुए हैं, उनका तत्काल समाधान निकाल कर काम शुरू कराया जाए। सभी जोन कमिश्नरों को हर 15 दिन में अनिवार्य रूप से निर्माण कार्यों का जमीनी निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही, उन्होंने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए नगर निगम के सभी नियमित एवं प्लेसमेंट अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्धारित समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की पुख्ता व्यवस्था कायम करने को कहा।
जनकल्याणकारी योजनाओं की गति बढ़ाने पर जोर
बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की भी गहन समीक्षा की गई:
- पीएम स्वनिधि योजना: राजधानी के अधिक से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों को इस योजना के तहत लाभान्वित करने के लिए कार्य में तेजी लाने को कहा गया।
- प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY): शासन के नियमानुसार और तय प्रक्रिया के तहत आवास निर्माण के कार्यों को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
