देवभूमि में छत्तीसगढ़-उत्तराखंड का अनूठा सांस्कृतिक व वैचारिक संगम

देहरादून/रायपुर, 4 जुलाई।

‘विकास भी, विरासत भी’ के मूल मंत्र पर आगे बढ़ रहा उत्तराखंड: पुष्कर सिंह धामी

सीएम धामी ने छत्तीसगढ़ के मीडिया दल से की सौजन्य भेंट, पत्रकार कल्याण के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नीतियों को सराहा

अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाले भव्य महाकुंभ के लिए देश भर के पत्रकारों को दिया विशेष आमंत्रण

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री निवास (देहरादून) में आज छत्तीसगढ़ के मीडिया प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से एक अत्यंत गरिमामय और सौजन्य भेंट हुई। इस उच्च स्तरीय संवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री धामी ने छत्तीसगढ़ की मीडिया टीम के साथ देवभूमि के बहुआयामी विकास, समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे अभूतपूर्व कार्यों को साझा किया। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति व नैसर्गिक संपदा और उत्तराखंड की हिमालयी दिव्यता के बीच हुआ यह संवाद अंतर्राज्यीय समन्वय और राष्ट्रीय एकता की एक नई मिसाल बनकर उभरा।

‘विकास भी, विरासत भी’: क्षेत्रीय प्राधिकरणों से संवर रहा देवभूमि का स्वरूप

​मीडिया प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड सरकार “विकास भी, विरासत भी” के मूल मंत्र को आत्मसात कर काम कर रही है। राज्य के संतुलित सामाजिक, आर्थिक और नैसर्गिक विकास के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया:

  • क्षेत्रीय विकास प्राधिकरणों का गठन: नैनीताल, गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के लिए अलग-अलग विकास प्राधिकरणों का गठन कर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
  • सांस्कृतिक और आधुनिकता का तालमेल: इन प्राधिकरणों का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना है।
  • भावी पीढ़ी के लिए पर्यावरण संरक्षण: ऋषियों-मुनियों की इस पावन तपोस्थली की आध्यात्मिक पहचान को संभालना सभी का दायित्व है। नैसर्गिक संपदा (प्राकृतिक संसाधनों) के संरक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित पर्यावरण मिल सके।

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अनुकरणीय

​संवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरगामी और प्रगतिशील सोच की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि:

​”देश के लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (मीडिया) की स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखने और पत्रकार कल्याण से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार में छत्तीसगढ़ देश में एक अग्रणी और अनुकरणीय राज्य बनकर उभरा है।”

​सीएम श्री धामी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की मंशानुरूप इस महत्वपूर्ण और सफल भ्रमण कार्यक्रम के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह और संयुक्त सचिव सह आयुक्त जनसंपर्क श्री रजत बंसल को विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने रेखांकित किया कि ऐसे अंतर्राज्यीय भ्रमणों से दोनों राज्यों के बीच वैचारिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को एक नया व सकारात्मक आयाम मिलता है।

हरिद्वार महाकुंभ के लिए देश भर के मीडिया को विशेष निमंत्रण

​भेंट के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य राज्यों के मीडिया दलों को अगले वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले भव्य महाकुंभ के लिए सस्नेह आमंत्रित किया। एक वृहद और दूरदर्शी दृष्टिकोण साझा करते हुए उन्होंने कहा कि कुंभ के पावन अवसर पर देश के सभी राज्यों के मीडिया प्रतिनिधियों को एक-एक अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि देश भर का मीडिया देवभूमि की आध्यात्मिक ऊर्जा और वहां की विश्वस्तरीय व्यवस्थाओं को अपनी आंखों से देख सके और इस अद्भुत अनुभव को अपने-अपने राज्यों की जनता तक पहुंचा सके।

बैठक में ये रहे उपस्थित

​इस गरिमामय भेंट के दौरान छत्तीसगढ़ के दुर्ग, रायपुर, कोरबा, जगदलपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, कोरिया और धमतरी जिले के वरिष्ठ मीडिया प्रतिनिधि तथा छत्तीसगढ़ जनसंपर्क संचालनालय के अधिकारी उपस्थित थे। इसके साथ ही उत्तराखंड के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक श्री बंशीधर तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री पांडे, संयुक्त संचालक श्री के.एस. चौहान सहित दोनों राज्यों के संबंधित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी इस ऐतिहासिक संवाद के साक्षी बने।

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