रायपुर, 4 जुलाई।
मुख्यमंत्री की हाईलेवल बैठक: संभावित कम बारिश से निपटने छत्तीसगढ़ तैयार, किसानों को 46 हजार टन अतिरिक्त DAP
- सर्वोपरि किसान हित: सीएम साय बोले—किसी भी स्थिति में खाद, बीज और संसाधनों की कमी नहीं होगी।
- बड़ी राहत: केंद्र से आग्रह के बाद छत्तीसगढ़ को मिली सामान्य से अधिक डीएपी की आपूर्ति।
- रोजगार की गारंटी: ‘वीबी-जी राम जी योजना’ में अब 100 के बजाय 125 दिन का काम, ₹300 मिलेगी दैनिक मजदूरी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में खरीफ सीजन-2026 के दौरान संभावित कम वर्षा (अल्प वर्षा) की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग और ‘विकसित भारत-वीबी-जी राम जी योजना’ की तैयारियों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में मौसम की स्थिति, खाद-बीज की उपलब्धता, सिंचाई प्रबंधन और ग्रामीण रोजगार जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि राज्य में किसानों के हित सर्वोपरि हैं और किसी भी परिस्थिति में उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन या संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अमानक खाद-बीज बेचने वालों और कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

केंद्र से मिला साथ: 46 हजार टन अतिरिक्त DAP आई
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने हाल ही में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा से छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए अतिरिक्त डीएपी (DAP) उपलब्ध कराने का विशेष आग्रह किया था। इसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप राज्य को 46 हजार टन से अधिक अतिरिक्त डीएपी की आपूर्ति प्राप्त हो चुकी है, जो सामान्य से अधिक है। इससे खरीफ सीजन में खाद की किल्लत पूरी तरह खत्म हो जाएगी। अधिकारियों ने पुष्टि की कि राज्य में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण है और ‘अर्ली वेरायटी’ (कम समय में पकने वाले) धान के बीजों के वितरण की तैयारी पूरी कर ली गई है।
’मोर गांव मोर पानी’: जल संरक्षण बनेगा जन-अभियान
कम बारिश की चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संरक्षण, खेत तालाब और भूजल संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही कृषि विभाग को निर्देश दिए गए कि वे किसानों को कम अवधि की धान किस्मों, कतार पद्धति, डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) और बीज उपचार जैसी आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक करें। उच्च भूमि (उतार वाले खेतों) में दलहन-तिलहन का रकबा बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
ग्रामीण समृद्धि का नया आधार: 125 दिन का रोजगार और ₹300 मजदूरी
बैठक में ‘विकसित भारत-वीबी-जी राम जी योजना’ की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जिसका क्रियान्वयन 1 जुलाई 2026 से शुरू हो चुका है। अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा। वहीं, दैनिक मजदूरी की दर को बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन तय किया गया है। इस योजना के तहत जल सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे एक तरफ ग्रामीणों की जेब में पैसा आएगा और दूसरी तरफ जल स्तर मजबूत होगा।
आसमानी बिजली से बचाव के लिए ‘दामिनी’ और ‘मेघदूत’ ऐप का होगा प्रचार
प्राकृतिक आपदाओं और आकाशीय बिजली से किसानों की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने मौसम विभाग के ‘सचेत’, ‘दामिनी’ और ‘मेघदूत’ मोबाइल ऐप्स का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कृषि विश्वविद्यालय द्वारा जारी होने वाले कृषि बुलेटिनों को सोशल मीडिया और पारंपरिक मीडिया के जरिए जमीनी स्तर तक पहुंचाया जाएगा। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उचित दर पर खरपतवारनाशक भी उपलब्ध कराया जाएगा।
कड़ी चेतावनी: अनियमितता बर्दाश्त नहीं
“किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अमानक बीज-खाद की बिक्री और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अधिकारी सख्त से सख्त कार्रवाई करें।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
बैठक में ये रहे उपस्थित:
इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कृषि संचालक श्री राहुल देव, योजना के आयुक्त श्री तारणप्रकाश सिन्हा, मौसम वैज्ञानिक श्रीमती गायत्री वानी और आईजीकेवी के निदेशक श्री विवेक कुमार त्रिपाठी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
