अन्नदाताओं के लिए साय सरकार के पुख्ता इंतजाम: रिकॉर्ड उर्वरक भंडारण से बेफिक्र हुए छत्तीसगढ़ के किसान!

  • पिछले साल के मुकाबले 1.08 लाख मीट्रिक टन अधिक उर्वरक भंडारित, जुलाई में मिली 46,500 टन अतिरिक्त DAP की सौगात।
  • केन्द्र द्वारा निर्धारित 15.55 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य का 84% से ज्यादा कोटा खेती शुरू होने से पहले ही पूरा।
  • 7.27 लाख मीट्रिक टन खाद का हो चुका है वितरण, गोदामों में 5.88 लाख मीट्रिक टन का ‘बैकअप’ स्टॉक सुरक्षित।

रायपुर, 4 जुलाई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को धरातल पर उतार दिया है। खरीफ वर्ष 2026 के लिए राज्य सरकार ने दूरगामी रणनीति और मजबूत आपूर्ति प्रबंधन का परिचय देते हुए 30 जून तक की स्थिति में रिकॉर्ड 13 लाख 16 हजार 506 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण सुनिश्चित कर लिया है।

​यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.08 लाख मीट्रिक टन अधिक है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को जुलाई महीने में 46,500 टन अतिरिक्त डीएपी (DAP) की आपूर्ति प्राप्त हुई है, जो सामान्य कोटे से अधिक है। इस कदम से प्रदेश में डीएपी की किल्लत पूरी तरह खत्म हो गई है और किसानों को बुआई के समय पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो रही है।

समृद्धि का आधार: समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद

​मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने खाद प्रबंधन की समीक्षा करते हुए कहा:

​”किसानों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराना केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह हमारे किसान परिवारों की समृद्धि और छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील कदम है।”

​मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के किसी भी कोने में किसानों को खाद के लिए कतारों में न लगना पड़े और न ही किसी प्रकार की परेशानी हो। यही वजह है कि सरकार खाद की उपलब्धता से लेकर परिवहन और वितरण की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है।

आंकड़ों की जुबानी: लक्ष्य के बेहद करीब छत्तीसगढ़

​केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए खरीफ वर्ष 2026 में कुल 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य सरकार ने अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए बुआई का सीजन परवान चढ़ने से पहले ही इस लक्ष्य का करीब 84 प्रतिशत (13.16 लाख मीट्रिक टन) स्टॉक गोदामों में पहुंचा दिया है। इसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी जैसे सभी प्रमुख उर्वरक शामिल हैं।

उर्वरक प्रबंधन की मौजूदा स्थिति (30 जून 2026 तक):

विवरणआंकड़े (मीट्रिक टन में)
कुल निर्धारित लक्ष्य (खरीफ 2026)15.55 लाख
अब तक भंडारित कुल उर्वरक13,16,506
किसानों को वितरित खाद7,27,833
गोदामों में शेष सुरक्षित स्टॉक (बफर)5,88,673

पिछले साल के मुकाबले इस बार ज्यादा मजबूत तैयारी

​यदि पिछले वर्ष (2025) की समान अवधि से तुलना की जाए, तो इस साल साय सरकार के इंतजाम कहीं ज्यादा असरदार और पुख्ता नजर आ रहे हैं।

  • भंडारण में भारी बढ़त: पिछले साल 30 जून 2025 तक प्रदेश में 12 लाख 25 हजार 929 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण हुआ था, जबकि इस वर्ष यह 90 हजार 577 मीट्रिक टन अधिक है।
  • वितरण और बैकअप: अब तक लगभग 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद किसानों के खेतों तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा वर्तमान में उपलब्ध 5.88 लाख मीट्रिक टन से अधिक का शेष स्टॉक आगामी दिनों की मांग को बिना किसी रुकावट के पूरा करने के लिए पूरी तरह पर्याप्त है।

असर: सरकार के इस एडवांस और दूरदर्शी सप्लाई मैनेजमेंट से कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लग गई है और छत्तीसगढ़ का किसान इस बार बिना किसी मानसिक तनाव के बेफिक्र होकर खेती-किसानी के काम में जुटा हुआ है।

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