डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर मुख्यमंत्री निवास में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि; सीएम ने कहा- उनके विचार सशक्त और अखंड भारत के निर्माण का आधार
रायपुर6जुलाई ।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महान राष्ट्रवादी चिंतक, प्रख्यात शिक्षाविद एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र-प्रथम के संकल्प को याद करते हुए उन्हें देश की एकता और अखंडता का महानायक बताया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने डॉ. मुखर्जी के विराट व्यक्तित्व और देश के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता, सांस्कृतिक अस्मिता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए समर्पित रहा। देश के इतिहास में उनका योगदान अमिट है।
विकसित और अखंड भारत का मार्ग दिखाते हैं डॉ. मुखर्जी के विचार: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश को तात्कालिक संकटों से उबारने और भविष्य के मजबूत भारत की नींव रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। आज जब देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, तब उनके विचार और ज्यादा प्रासंगिक हो जाते हैं।
”डॉ. मुखर्जी के आदर्श और विचार एक विकसित, सशक्त एवं अखंड भारत के निर्माण की दिशा में सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही हम छत्तीसगढ़ और देश को प्रगति के नए शिखरों पर ले जाने के लिए संकल्पित हैं।”
– श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़)
देशभक्ति और वैचारिक दृढ़ता की मिसाल थे डॉ. मुखर्जी
- राष्ट्र की अखंडता के प्रहरी: डॉ. मुखर्जी ने ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष किया और देश की संप्रभुता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
- दूरदर्शी शिक्षाविद और नीति निर्माता: देश के पहले उद्योग मंत्री के रूप में उन्होंने भारत के औद्योगिक विकास का खाका खींचा। वे शिक्षा जगत के भी बड़े पुरोधा थे, जिन्होंने युवाओं में राष्ट्रवाद की अलख जगाई।

सोशल मीडिया पर भी गूंजा संदेश:
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी गई यह श्रद्धांजलि सोशल मीडिया पर भी दिनभर छाई रही। राज्य के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के इस संदेश की सराहना करते हुए डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवाद के संकल्प को दोहराया। इस गरिमामय अवसर पर मुख्यमंत्री निवास के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
