– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 11 हितग्राहियों को सौंपी नए आशियाने की चाबी, उत्कृष्ट कार्यों के कॉम्पेंडियम का किया विमोचन
– इतिहास रचने वाली रफ्तार: देश में सबसे तेज मकान बनाने वाला राज्य बना छत्तीसगढ़, हर दिन बन रहे औसतन 1500 घर
– जल ही जीवन, जल ही जीविका: 2,000 करोड़ रुपये की लागत से ग्रामीण अंचल में आकार ले रहीं 1 लाख से अधिक जल संरचनाएं

रायपुर, 10 जुलाई 2026।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने सुशासन, विकास और अंत्योदय (आखिरी व्यक्ति का उदय) के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित एक भव्य और ऊर्जा से भरे महा-समारोह में प्रदेश की दो सबसे बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धियों का जश्न मनाया गया। साय सरकार के गठन के बाद महज ढाई वर्षों के भीतर प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण होने और ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदल रहे ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान की अभूतपूर्व सफलताओं को देश के सामने प्रस्तुत किया गया।
हजारों लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 11 चयनित हितग्राहियों को मंच पर ससम्मान बुलाकर उनके सपनों के पक्के मकान की ‘प्रतीकात्मक चाबी’ सौंपी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के उत्कृष्ट और प्रेरणादायी कार्यों पर आधारित एक विशेष कॉम्पेंडियम (पुस्तिका) का विमोचन भी किया।
⚡ पहली ही कैबिनेट का ‘संकल्प’ बना गरीबों का ‘अधिकार’
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूरी दृढ़ता के साथ कहा, “हमारी सरकार ने शपथ लेने के तुरंत बाद अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रदेश के गरीब, शोषित और जरूरतमंद परिवारों के हित में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों के लिए राशि जारी करने का संवेदनशील निर्णय लिया था। आज मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि हमारे निरंतर प्रयासों और प्रशासनिक मुस्तैदी के कारण पिछले ढाई साल में ही 11 लाख से अधिक परिवारों का अपने पक्के घर का सपना सच हो चुका है।”
📊 आंकड़ों में देखिए छत्तीसगढ़ की ‘सुपरफास्ट’ रफ्तार:
- देश में नंबर वन: पिछले वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड 6 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए गए। यह एक साल के भीतर पूरे देश में किसी भी राज्य द्वारा सर्वाधिक मकान बनाने का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।
- 100 दिनों का महा-स्ट्राइक रेट: वर्तमान वित्तीय वर्ष के शुरुआती मात्र 100 दिनों (1 अप्रैल से 9 जुलाई) के भीतर ही राज्य ने 1 लाख 51 हजार से अधिक आवासों का निर्माण पूरा कर लिया है।
- प्रतिदिन 1500 आशियाने: छत्तीसगढ़ में इस वक्त विकास की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूरी तरह तैयार होकर हितग्राहियों को सौंपे जा रहे हैं।
💧 ‘मोर गांव-मोर पानी’: गांवों में जल क्रांति और आजीविका का नया सवेरा
कार्यक्रम का दूसरा सबसे बड़ा आकर्षण जल संरक्षण को समर्पित ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान की सफलता रही।
- भविष्य को सुरक्षित करने का अभियान: पिछले वर्ष 24 अप्रैल 2025 को ‘पंचायती राज दिवस’ के मौके पर शुरू हुआ यह अभियान आज छत्तीसगढ़ के गांवों की तकदीर बदल रहा है।
- 2,000 करोड़ का महा-बजट: पूर्णतः जनभागीदारी पर आधारित इस महाअभियान के तहत पूर्ववर्ती महात्मा गांधी नरेगा एवं वर्तमान वीबी-जीरामजी के अभिसरण (Convergence) से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम लागत से 1 लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं।
- आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे गांव: अभियान के तहत गांवों में आजीविका डबरी, नवा तरिया (नया तालाब) और कंटूर ट्रेंच जैसी विभिन्न वैज्ञानिक व पारंपरिक जल संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इससे न केवल गिरते भूजल स्तर को भारी बूस्ट मिल रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका को भी नए पंख मिल रहे हैं।
📝 विशेष संपादकीय टिप्पणी: “इरादे मजबूत हों, तो विकास का पहिया कभी नहीं थमता”
छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बाहुल्य और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में मात्र ढाई साल के भीतर 11 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूरा कर लेना और हर दिन 1500 घरों को तैयार करना कोई सामान्य प्रशासनिक उपलब्धि नहीं है। यह सीधे तौर पर राजनीतिक इच्छाशक्ति और ‘अंत्योदय’ के प्रति सरकार के समर्पण को दिखाता है। जब सिर पर पक्की छत होती है, तो एक गरीब परिवार का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ जाता है।
इसके साथ ही, ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के जरिए सरकार ने पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सबसे संवेदनशील हिस्से ‘जल संकट’ पर सीधा प्रहार किया है। मनरेगा और वीबी-जीरामजी जैसी योजनाओं का समन्वय (Convergence) करके 2000 करोड़ रुपये का निवेश सीधे ग्रामीण जल संरचनाओं में करना एक दूरदर्शी कदम है। यह अभियान न केवल आज जल संकट को दूर कर रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी सुरक्षित कर रहा है। कुल मिलाकर, आवास क्रांति और जल क्रांति का यह ‘डबल स्ट्रोक’ छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में सबसे आगे खड़ा करता है। साय सरकार की यह कार्यशैली यह साबित करती है कि यदि नीतियां साफ और इरादे मजबूत हों, तो विकास का पहिया कभी नहीं थमता।
👥 दिग्गज नेताओं और हजारों हितग्राहियों की रही गरिमामय मौजूदगी
इस ऐतिहासिक और ऊर्जा से भरे कार्यक्रम में सरकार के शीर्ष मंत्रियों और अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मंच पर मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, आला अधिकारी और प्रदेश के कोने-कोने से आए हजारों उत्साहित हितग्राही मौजूद थे।
