‘विष्णु’ का सुशासन, महतारियों का स्वाभिमान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की दीदियों को दी करोड़पति बनने की नई उड़ान!

महतारी शक्ति से बदला छत्तीसगढ़ का भूगोल: ‘दीदी के गोठ’ बनी देश की सबसे बड़ी ग्रामीण आर्थिक क्रांति, अब करोड़पति बनने की बारी!

​🎯 सीधे आंकड़ों की बात

  • ₹18,000 करोड़ का बूस्टर: 70 लाख महतारियों के बैंक खातों में पहुंची महतारी वंदन योजना की 28 किश्तें।
  • ₹26,000 करोड़ से छत: प्रदेश में 11 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूरा, हर दिन बन रहे 1600 घर।
  • टोल-फ्री सुशासन: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 लाइव; 8 हजार अफसर सीधे जनता की शिकायतों पर करेंगे एक्शन।
  • बिजली बिल हाफ से भी ज्यादा: बकाया बिजली उपभोक्ताओं को मिली ऐतिहासिक राहत, ₹700 करोड़ का सरचार्ज सीधे माफ।

रायपुर, 9 जुलाई।

छत्तीसगढ़ में आधी आबादी के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर विष्णुदेव साय सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा और असरदार इतिहास रच दिया है। राजधानी रायपुर के भव्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ वार्षिकोत्सव-2026 एवं संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दहाड़ते हुए कहा— “छत्तीसगढ़ की जो बहनें कल तक पाई-पाई के लिए संघर्ष करती थीं, वे आज ‘बिहान’ के दम पर लखपति बन चुकी हैं और अब उन्हें करोड़पति बनाने का मिशन शुरू हो चुका है।”

​इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री ने ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका और ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का विमोचन कर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नया विजन डाक्यूमेंट जारी किया।

​दर्द से आत्मनिर्भरता तक: दुर्ग की विद्या निषाद की कहानी सुन भावुक हुआ हॉल

​समारोह के दौरान जब मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले की ‘लखपति दीदी’ श्रीमती विद्या निषाद से वर्चुअल संवाद किया, तो पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। विद्या दीदी ने बताया कि कोरोना काल में पति के आकस्मिक निधन के बाद वे पूरी तरह असहाय हो गई थीं। तब ‘बिहान’ समूह ने उन्हें उबारा, ट्रेनिंग दी और संबल दिया। आज वे कपड़े और फैंसी स्टोर के बिजनेस से सालाना 5 लाख रुपये से ज्यादा का मुनाफा कमा रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनके इस चट्टानी हौसले की सराहना की।

“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता”

हमारी सरकार वेदों के इस मंत्र को हकीकत में बदल रही है। आज छत्तीसगढ़ की बेटियां सिर्फ चूल्हा-चौका नहीं संभाल रहीं, बल्कि वे ‘ड्रोन दीदी’, ‘राजमिस्त्री’ और ‘कृषि सखी’ बनकर गांवों की तकदीर लिख रही हैं। आरंग का इंटीग्रेटेड ‘गोट यूनिट’ (बकरी, मुर्गी, मछली पालन) मॉडल इसका सबसे बड़ा सबूत है।

श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री

​ढाई साल का रिपोर्ट कार्ड: ‘मोदी की गारंटी’ पर लगी शत-प्रतिशत मुहर

​मुख्यमंत्री श्री साय ने मंच से विपक्ष को करारा जवाब देते हुए ढाई साल के सुशासन का दमदार ब्यौरा पेश किया:

  1. महतारी वंदन की महा-शक्ति: प्रदेश की लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को बिना किसी दलाली या रुकावट के हर महीने ₹1,000 की राशि सीधे उनके खातों में भेजी जा रही है।
  2. रिकॉर्ड स्पीड से मिल रहे मकान: राज्य में स्वीकृत 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों में से 11 लाख मकान बनकर तैयार हैं और गृहप्रवेश हो चुका है।
  3. करप्शन और ढिलाई पर 1076 का प्रहार: आम जनता की बिजली, पानी, पुलिस और राजस्व की शिकायतों का तुरंत निपटारा करने के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 की शुरुआत की गई है, जिसकी मॉनिटरिंग खुद सीएम कर रहे हैं।

​’36 कला’ ब्रांड लाएगा वैश्विक भूचाल: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

​समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की दीदियों के जैविक और हस्तशिल्प उत्पादों को वैश्विक बाजार दिलाने के लिए ‘36 कला’ ब्रांड लॉन्च कर दिया गया है। अब सभी महिला समूहों को डिजिटल और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है ताकि बिचौलियों का राज खत्म हो और मेहनत का पूरा पैसा सीधे दीदियों के हाथ में आए। खैरागढ़ की ‘ड्रोन दीदी’ और बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे के बाद उभर रही ‘बैंक सखियां’ इस नए बदलते छत्तीसगढ़ का चेहरा हैं।

​नारी शक्ति से ही समृद्ध होगा राष्ट्र

​महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहिब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य की नारी शक्ति को वो सम्मान और आर्थिक आजादी मिली है, जिसकी कल्पना पहले कभी नहीं की गई थी।

​इस महा-सम्मेलन में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मिशन संचालक श्री अश्वनी देवांगन सहित कई आला अधिकारी और प्रदेश के कोने-कोने से आईं हजारों की संख्या में बिहान की दीदियां इस ऐतिहासिक जश्न की गवाह बनीं।

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