रायपुर 10 जुलाई । छत्तीसगढ़ में ‘डबल इंजन’ सरकार के नेतृत्व में रेल अधोसंरचना (Railway Infrastructure) के विकास का एक नया स्वर्णिम अध्याय शुरू होने जा रहा है। राज्य को देश का बड़ा रेल और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी है। राजधानी रायपुर में 250 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव (विद्युत रेलवे इंजन) के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाओं (आधुनिक रखरखाव और शेड्यूलिंग केंद्र) के निर्माण हेतु ₹175 करोड़ की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है।

इस ऐतिहासिक सौगात पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव का पूरे प्रदेश की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस फैसले को ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक युगांतकारी कदम बताया है।
परिवहन की रफ्तार होगी दोगुनी: मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों को मिलेगा ‘सुपरफास्ट’ बूस्ट
रायपुर में इस विशाल और आधुनिक होमिंग सुविधा (Homing Facilities) के निर्माण से छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क की कार्यक्षमता में अभूतपूर्व बदलाव आएगा।
- इंजनों का त्वरित रखरखाव: अब 250 से अधिक अत्याधुनिक विद्युत इंजनों की तकनीकी जांच, मरम्मत और रखरखाव रायपुर में ही बेहद कम समय में उच्च स्तर पर हो सकेगा।
- समय की भारी बचत: पहले इंजनों के बड़े मेंटेनेंस के लिए दूसरे राज्यों के शेड पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय की बर्बादी होती थी। अब लोकल स्तर पर ही यह सुविधा मिलने से इंजनों का ‘टर्न-अराउंड टाइम’ (दौड़ने के लिए तैयार होने का समय) घट जाएगा।
- दक्षता में सुधार: इसका सीधा फायदा छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों को मिलेगा। ट्रेनों की लेटलतीफी थमेगी और माल व यात्री परिवहन की गति व दक्षता में भारी सुधार होगा।
देश का प्रमुख ‘इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स हब’ बनेगा छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ एक खनिज बहुल और औद्योगिक राज्य है, जहां से देश भर में कोयला, लोहा, सीमेंट और अन्य कच्चे माल की भारी सप्लाई होती है। इस लिहाज से यह परियोजना राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होने वाली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस दूरगामी दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा:
”यह महत्वपूर्ण परियोजना केवल रेलवे की परिचालन क्षमता को ही नहीं सुधारेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख रेल, औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स हब के रूप में मजबूती से स्थापित करेगी। यह हमारे ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को धरातल पर उतारने और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति देने की दिशा में एक अभूतपूर्व उपलब्धि है।”
रोजगार के नए अवसर और चौतरफा विकास का रास्ता साफ
₹175 करोड़ की इस भारी-भरकम परियोजना से न केवल रेलवे का ढांचा मजबूत होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए भी नई राहें खुलेंगी।
- तकनीकी व स्थानीय रोजगार: इस विशाल मेंटेनेंस हब के संचालन के लिए बड़ी संख्या में कुशल और अर्ध-कुशल तकनीकी मैनपावर की आवश्यकता होगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- उद्योगों को संबल: सुगम और तीव्र माल परिवहन मिलने से राज्य के कोर सेक्टर (लोहा, स्टील, सीमेंट, कोल) के उद्योगों की लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, जिससे वैश्विक बाजार में छत्तीसगढ़ के उत्पाद और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
- सहायक व्यवसायों को बढ़ावा: रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में रेलवे से जुड़े छोटे उद्योगों, वेंडर्स और सर्विस सेक्टर को भी इस बड़ी परियोजना से सीधा बूस्ट मिलेगा।
निश्चित रूप से, केंद्र और राज्य सरकार के इस साझा और सशक्त प्रयास से छत्तीसगढ़ रेल अधोसंरचना के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा चुका है, जिसका सीधा लाभ आने वाले समय में प्रदेश के हर नागरिक और उद्योग को मिलने जा रहा है।
