लोकतंत्र के मंदिर में गूंजा सुशासन और संस्कृति का शंखनाद: राज्यपाल ने किया छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित प्रेक्षागृह का लोकार्पण

*  ‘उत्कृष्टता अलंकरण समारोह’ में गूंजी भजनों की रसधार, पक्ष-विपक्ष की एकजुटता ने पेश की संसदीय मर्यादा की अनूठी मिसाल

​*  विधायक धरमलाल कौशिक और राघवेंद्र कुमार सिंह को मिला ‘उत्कृष्ट विधायक’ का गौरव

​*  पत्रकारिता क्षेत्र में संतराम साहू, सौरभ सिंह परिहार और डॉ. राजेश राज हुए सम्मानित

विशेष संवाददाता, रायपुर (16 जुलाई 2026):

छत्तीसगढ़ के संसदीय इतिहास में आज का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते वर्ष 1 नवंबर 2025 को लोकार्पित किए गए नवीन विधानसभा भवन के परिसर में आज एक और भव्य कड़ी जुड़ गई। राज्यपाल श्री रमेन डेका के करकमलों से विधानसभा परिसर में नवनिर्मित अत्याधुनिक प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) का गरिमामयी लोकार्पण संपन्न हुआ। अवसर था छत्तीसगढ़ विधानसभा के ‘उत्कृष्टता अलंकरण समारोह’ का, जहाँ सूबे के शीर्ष राजनेताओं, उत्कृष्ट जनप्रतिनिधियों और सजग पत्रकारों की मौजूदगी ने लोकतांत्रिक मूल्यों को एक नई ऊंचाई दी।

​लोकार्पण के उपरांत आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ विधानसभा की स्वस्थ परंपराओं और पक्ष-विपक्ष के बीच अनुकरणीय सामंजस्य की भूरि-भूरि सराहना की।

​छत्तीसगढ़ विधानसभा लोकसेवा और जन-कल्याण का पावन अनुष्ठान: राज्यपाल श्री रमेन डेका

​समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा केवल एक भवन नहीं, बल्कि लोकसेवा का वह पावन केंद्र है जहाँ जनसेवक जन-कल्याण का अनुष्ठान पूरा करते हैं।

​”लोकतंत्र में संसदीय सदन को मंदिर की संज्ञा दी गई है। इस मंदिर की प्रतिष्ठा और गरिमा यहाँ बैठने वाले सभी सदस्यों के आचरण, व्यवहार और वैचारिक परिपक्वता पर निर्भर करती है। देश की श्रेष्ठ विधानसभाओं में छत्तीसगढ़ की गिनती होती है, क्योंकि यहाँ पक्ष और प्रतिपक्ष के बीच जो समन्वय, सामंजस्य और परस्पर समादर का भाव है, वह पूरे देश के लिए अनुकरणीय है।”

श्री रमेन डेका, राज्यपाल

​राज्यपाल ने सभी सम्मानित विधायकों और पत्रकारों को बधाई देते हुए आह्वान किया कि वे वरिष्ठ नागरिकों से संवाद, स्वच्छता अभियान और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले रचनात्मक कार्यों को अपनी प्राथमिकता में शामिल करें।

​आत्मानुशासन और अद्वितीय संसदीय परंपराओं का सशक्त मंच: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

​मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा की विशिष्टता को रेखांकित करते हुए एक ऐतिहासिक तथ्य को सामने रखा। उन्होंने गर्व से कहा कि छत्तीसगढ़ देश की पहली और इकलौती ऐसी विधानसभा है, जहाँ नियमों की मर्यादा इतनी सख्त है कि गर्भगृह में किसी भी विधायक के प्रवेश करते ही वे स्वतः निलंबित हो जाते हैं।

​”यह व्यवस्था केवल एक नियम नहीं, बल्कि हमारे आत्मानुशासन, संसदीय मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का जीता-जागता प्रमाण है। यही विशिष्ट परंपराएं छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पटल पर एक अलग और गौरवशाली पहचान दिलाती हैं।”

श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री

​मुख्यमंत्री ने सम्मानित विधायकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वरिष्ठ विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के रूप में संसदीय परंपराओं को सींचा है, वहीं पहली बार के विधायक श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने अपने तथ्यपूर्ण और अध्ययनशील आचरण से सदन में एक बेहद सकारात्मक प्रभाव छोड़ा है। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष और तथ्यपरक रिपोर्टिंग के लिए सम्मानित पत्रकारों की सराहना की।

​राजनीतिक मतभेदों से ऊपर है प्रदेश का हित: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

​विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नवनिर्मित प्रेक्षागृह को विधानसभा के विकास की एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह छठवीं विधानसभा अपने कार्यकाल में उत्कृष्ट संसदीय परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए हमेशा याद रखी जाएगी।

​”हमारे सदन की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि वैचारिक और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, जब बात प्रदेश के विकास और जनहित की आती है, तो पक्ष और विपक्ष दोनों ही टेबल पर बैठकर सार्थक और सकारात्मक चर्चा करते हैं। यही स्वस्थ लोकतंत्र की असली पहचान है।”

डॉ. रमन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष

​उन्होंने आगे जोड़ा कि उत्कृष्टता अलंकरण केवल किसी व्यक्ति विशेष का सम्मान नहीं है, बल्कि यह हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक उत्तरदायी और उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा देने का एक सशक्त माध्यम है।

​इन्हें मिला ‘उत्कृष्टता अलंकरण’ का गौरव

​समारोह के दौरान वर्ष की उत्कृष्ट संसदीय सेवाओं और पत्रकारिता के लिए निम्नलिखित विभूतियों को सम्मानित किया गया:

वर्ग / क्षेत्रसम्मानित विभूतिपद / संस्थान
उत्कृष्ट विधायकश्री धरमलाल कौशिकविधायक, बिल्हा (वरिष्ठ एवं अनुभवी नेतृत्व)
उत्कृष्ट विधायकश्री राघवेंद्र कुमार सिंहविधायक, अकलतरा (प्रथम बार निर्वाचित, प्रभावी व तथ्यपूर्ण प्रस्तुति)
उत्कृष्ट संसदीय पत्रकारश्री संतराम साहूसंवाददाता, ‘दैनिक पत्रिका’ (प्रिंट मीडिया)
उत्कृष्ट इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रिपोर्टरश्री सौरभ सिंह परिहाररिपोर्टर, ‘आईबीसी-24’ (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया)
उत्कृष्ट इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रिपोर्टरडॉ. राजेश राजरिपोर्टर, ‘आईबीसी-24’ (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया)

भजनों के सम्राट अनूप जलोटा की सुरमई प्रस्तुति से भक्तिरस में डूबा सदन

​समारोह का समापन बेहद आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उल्लास के साथ हुआ। देश के विख्यात भजन गायक पद्मश्री श्री अनूप जलोटा ने नवनिर्मित प्रेक्षागृह में अपनी जादुई आवाज का जादू बिखेरा। उन्होंने एक से बढ़कर एक लोकप्रिय भजनों की मनोहारी प्रस्तुति देकर वहाँ उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया, जिसने इस ऐतिहासिक दिन को उपस्थित जनों के लिए हमेशा-हमेशा के लिए अविस्मरणीय बना दिया।

समारोह में रहे मौजूद:

इस ऐतिहासिक अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, नेता प्रतिपक्ष श्री चरणदास महंत, विभिन्न दलों के विधायकगण, विधानसभा के सचिव श्री दिनेश शर्मा सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, वरिष्ठ पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में साक्षी बने।

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