स्थापना के 84 वर्ष: भक्ति के रंग में रंगा जशपुर का दोकड़ा, सीएम साय ने सोने की झाड़ू से बुहारी राह

ऐतिहासिक रथयात्रा में मुख्यमंत्री ने निभाई ‘गजपति महाराजा’ की परंपरा, खींचा महाप्रभु जगन्नाथ का रथ; प्रदेश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

रायपुर/दोकड़ा (जशपुर) 16 जुलाई ।
जशपुर जिले के ऐतिहासिक ग्राम दोकड़ा में आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था वर्ष 1942 से निरंतर आयोजित हो रहे ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव-2026 का। इस पावन अवसर पर सूबे के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या

साय के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहाँ परंपरागत ‘गजपति महाराजा’ की भूमिका का निर्वहन करते हुए भगवान श्री जगन्नाथ, भद्र बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि व उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

‘छेरा पहरा’ की रस्म से दिया सेवा और विनम्रता का संदेश

रथयात्रा की सबसे पवित्र और मुख्य रस्म ‘छेरा पहरा’ को निभाते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने सोने की झाड़ू से भगवान के रथ के आगे के मार्ग को बुहारा (प्रतीकात्मक मार्जन किया) और चंदन मिश्रित पवित्र जल का छिड़काव किया। इस रस्म के जरिए उन्होंने समाज को सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश दिया कि भगवान के सामने हर व्यक्ति सेवक है। इसके बाद उन्होंने हजारों श्रद्धालुओं के साथ मिलकर भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर महायात्रा का शुभारंभ किया। शंखध्वनि, ढोल, मृदंग, झांझ और “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी जयघोष से पूरा दोकड़ा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।

पुरी के महाप्रसाद और छत्तीसगढ़ के देवभोग चावल का अटूट रिश्ता

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा:

“छत्तीसगढ़ का महाप्रभु जगन्नाथ से अत्यंत प्राचीन और आत्मीय संबंध रहा है। हमारे देवभोग का सुगंधित चावल आज भी पुरी धाम के महाप्रसाद (अन्नकूट) में उपयोग किया जाता है। यह हमारी साझी संस्कृति का सबसे जीवंत और अटूट प्रमाण है।”

उन्होंने आगे कहा कि दोकड़ा की यह रथयात्रा जनआस्था की गौरवशाली धरोहर है। वर्ष 2025 में मंदिर के जीर्णोद्धार और प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरी भव्य रथयात्रा है, जिसमें शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने इस गरिमामयी परंपरा को जीवित रखने के लिए दोकड़ावासियों का आभार व्यक्त किया।

मंच से दी विकास की सौगातें: जशपुर को मिलेगी रेल और मेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री ने इस भक्तिमयी मंच से क्षेत्र के विकास और जनहितैषी योजनाओं का लेखा-जोखा भी साझा किया:

  • जशपुर को मिलेगी रेल कनेक्टिविटी: धरमजयगढ़-लोहरदगा रेल परियोजना को हरी झंडी मिल चुकी है। जल्द ही जशपुर रेल नेटवर्क से जुड़ेगा।
  • स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांति: जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति दे दी गई है, जिससे यहाँ स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा के नए द्वार खुलेंगे।
  • गरीबों को छत और महिलाओं को संबल: प्रधानमंत्री गारंटी के तहत 11 लाख से अधिक पीएम आवास पूरे किए जा चुके हैं। महतारी वंदन योजना की 29 किस्तें सीधे बहनों के खातों में भेजी जा चुकी हैं।
  • राहत और सेवाएँ: बिजली उपभोक्ताओं के लिए सरचार्ज माफी की अवधि 3 महीने बढ़ाई गई है। वहीं, ‘अटल डिजिटल सेवा केंद्रों’ के जरिए ग्रामीणों को उनके ही गाँव में 520 से अधिक शासकीय सेवाएँ मिल रही हैं।

ओडिशा की कीर्तन मंडलियों ने बांधा समां, उमड़ा जनसैलाब

इस भव्य रथयात्रा महोत्सव में ओडिशा से आई प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियों ने अपनी मनमोहक भजनों की प्रस्तुति से समां बांध दिया। इस विराट लोक उत्सव में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों समेत हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। कार्यक्रम में विशेष रूप से पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा सहित श्री जगन्नाथ मंदिर आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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