रायपुर 19 जुलाई ।
जनाधार खो चुकी कांग्रेस देश भर में मना रही राजनीतिक छलावा, विपक्ष के हर पैंतरे में दिख रही लाचारी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- छत्तीसगढ़ का संदर्भ देकर सीएम साय ने साधा दिल्ली तक निशाना, कहा— ‘फ्लॉप शो’ साबित होगी विपक्ष की रस्म अदायगी।
- मुद्दों की कंगाली से जूझ रही कांग्रेस, सिर्फ अखबारों में जिंदा रहने के लिए चल रही अविश्वास के खोखले दांव: मुख्यमंत्री।
मुख्य राजनीतिक संवाददाता, रायपुर
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष की राष्ट्रीय और प्रांतीय सियासत पर अब तक का सबसे विध्वंसक और तीखा हमला बोला है। देश और राज्य की बदलती राजनीतिक फिजां के बीच मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की सांगठनिक और नैतिक स्थिति को पूरी तरह ‘दिवालिया’ करार दिया है। मुख्यमंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि आज पूरे देश के भीतर कांग्रेस जिस दयनीय और पतनोन्मुख (पतन की ओर अग्रसर) दौर से गुजर रही है, वह किसी से छिपा नहीं है। जनता के दिलों से पूरी तरह बेदखल हो चुकी कांग्रेस अब राष्ट्रीय पटल पर जो कुछ भी कर रही है, वह लोकतंत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की महज़ एक ‘लाचार औपचारिकता’ भर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने दिल्ली से लेकर रायपुर तक विपक्ष के अंतर्विरोधों को उजागर करते हुए कहा कि कांग्रेस अब केवल एक ऐसी पार्टी बनकर रह गई है, जिसके पास न तो कोई ठोस विज़न है और न ही जनता के हितों से जुड़ा कोई वास्तविक एजेंडा।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का दिया हवाला: “कंगाल एजेंडे के साथ उतरी थी कांग्रेस”
अपने तेवरों को और धार देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के पिछले सत्र का विशेष रूप से उल्लेख किया, जहां कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई थी। मुख्यमंत्री ने उस घटनाक्रम की खिल्ली उड़ाते हुए कहा, “जिस तरह से यहां छत्तीसगढ़ में कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लाई थी, उसकी रीढ़ की हड्डी पहले दिन से ही टूटी हुई थी। वह प्रयास कितना कमजोर, दिशाहीन और लाचार था, इसका गवाह पूरा प्रदेश बना। उनके अपने विधायक सदन में निरुत्तर थे। ठीक वही लाचारी और वही तमाशा आज देश के स्तर पर भी दोहराया जा रहा है। वहां भी विपक्ष के पास मोदी सरकार की जनहितकारी नीतियों के चक्रव्यूह को भेदने की कोई ताकत नहीं है, इसलिए वे केवल औपचारिकता निभाकर अपनी झेंप मिटा रहे हैं।”
नेतृत्वहीनता और हताशा का शिकार है विपक्ष
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत और बेदाग नेतृत्व के सामने आज विपक्ष पूरी तरह बौना और अप्रासंगिक हो चुका है। केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार की सुशासन की नीतियों ने कांग्रेस के पैरों के नीचे से जमीन खिसका दी है। यही कारण है कि हार के अवसाद में डूबी कांग्रेस अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता को बचाए रखने के लिए ऐसे खोखले हथकंडे अपना रही है, जिन्हें देश की जनता पहले ही खारिज कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि देश अब नकारात्मकता की राजनीति को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
📌 इनसाइड स्टोरी: साय के बयान के तीन बड़े राजनीतिक मायने
- राष्ट्रीय बनाम क्षेत्रीय कनेक्ट: मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की विफलता (अविश्वास प्रस्ताव की कमजोरी) को सीधे राष्ट्रीय स्तर पर जोड़कर यह साबित किया कि कांग्रेस की कमजोरी एक ‘क्रॉनिक बीमारी’ बन चुकी है।
- मनोवैज्ञानिक बढ़त: ‘लाचार और कमजोर’ जैसे भारी भरकम शब्दों का प्रयोग कर सीएम साय ने विपक्ष को आक्रामक तरीके से बैकफुट पर धकेल दिया है।
- औपचारिकता का तंज: कांग्रेस के हर कदम को ‘महज़ रस्म अदायगी’ बताकर साय ने मीडिया और जनता के बीच विपक्ष के नैरेटिव (विमर्श) के महत्व को ही शून्य कर दिया।
