विशेष संवाददाता, रायपुर 19 जुलाई 2026 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के ग्राम बरौदा में आयोजित झेरिया यादव समाज के भव्य महासम्मेलन एवं सामाजिक भवन लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र पर चलते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान, किसानों की समृद्धि, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और पारदर्शी सुशासन के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन सरकार’ ने बीते ढाई वर्षों में अधिकांश ‘मोदी गारंटियों’ को धरातल पर उतारकर जनता के अटूट विश्वास को और मजबूत किया है। इस गरिमामय अवसर पर मुख्यमंत्री ने झेरिया यादव समाज की मांग को सहर्ष स्वीकार करते हुए रायपुर में सामाजिक भवन के निर्माण के लिए 15 लाख रुपये की बड़ी घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम बरौदा में नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया।
संस्कृति और सामाजिक समरसता के संवाहक हैं यादव समाज
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने यादव समाज की गौरवशाली परंपरा की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा,
“यादव समाज हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, उच्च जीवन-मूल्यों और गौ-सेवा की जीवंत परंपरा का असली संवाहक है। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलने वाला यह समाज सदैव धर्म, सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश देता आया है। एक संगठित और जागरूक समाज ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होता है और ऐसे सामाजिक सम्मेलन समाज सुधार व राष्ट्रीय एकता को नई दिशा प्रदान करते हैं।”
मोदी गारंटियों को पूरा करने में देश का अग्रणी राज्य बना छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य सरकार गठन के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में गरीबों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए। इसके अतिरिक्त, समाज के अंतिम छोर पर खड़े विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTG) के भाई-बहनों के लिए 32 हजार प्रधानमंत्री आवास मंजूर किए गए हैं, जो अंत्योदय के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
किसान, महिला और आस्था का रखा पूरा सम्मान
अन्नदाता को संबल: किसानों को उनकी उपज का सही दाम देने के लिए सरकार 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रही है, जिससे खेती-किसानी अब लाभ का सौदा बन चुकी है।
महतारी वंदन योजना से आधी आबादी को ताकत: प्रदेश की माताओं-बहनों के बैंक खातों में हर महीने ₹1000 (सालाना ₹12,000) की राशि सीधे ट्रांसफर की जा रही है, जिसने महिलाओं को आत्मनिर्भर और परिवारों को आर्थिक सुरक्षा दी है।
विरासत को नमन: ‘विकास भी और विरासत भी’ के ध्येय वाक्य को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। ‘रामलला दर्शन योजना’ के तहत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन कर निहाल हो चुके हैं।
बस्तर में शांति का उदय और डिजिटल गवर्नेंस की नई क्रांति
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कभी नक्सलवाद बस्तर के विकास की सबसे बड़ी रुकावट था, लेकिन आज वहां शांति, सुरक्षा और प्रगति का नया सूर्य उगा है। बस्तर के सुदूर अंचलों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की किरण पहुंच रही है। सुशासन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य है जहां ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ की स्थापना की गई है। सरकारी प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक चौबीसों घंटे अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, जिसके त्वरित निपटारे के लिए 8 हजार से अधिक अधिकारियों को चार स्तरीय व्यवस्था से जोड़ा गया है। वहीं, हर पंचायत में बन रहे ‘अटल डिजिटल सेवा केंद्र’ ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं, जहां सभी प्रकार के प्रमाण पत्र और शासकीय सेवाएं एक ही छत के नीचे आसानी से मिल रही हैं। समारोह में प्रमुख जनों की रही गरिमामय उपस्थिति इस भव्य महासम्मेलन में धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा, चंद्रपुर विधायक श्री रामकुमार यादव, छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री जगनीक यादव, श्री भगत सिंह यादव, श्रीमती आशा संतोष यादव सहित पूरे प्रदेश से आए समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक और भारी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और सुशासन के संकल्प का साक्षी बना।