विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव: पाटन के जामगांव (एम) में जुटे दिग्गजों के बीच मुख्यमंत्री ने नई पीढ़ी का भविष्य संवारने का लिया संकल्प

दुर्ग जिले को मिली 4 बड़ी सौगातें: नीट-जेईई हॉस्टल, कम्पोजिट ऑफिस, ऑडिटोरियम और एथलेटिक्स ट्रैक की घोषणा

विशेष संवाददाता z2 जुलाई | रायपुर/दुर्ग
“शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रभावना का बीजारोपण करना है। शिक्षा ही संस्कारित समाज, सशक्त राष्ट्र और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है।”
यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव (सत्र 2026-27) को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे।

नन्हे-मुन्नों का तिलक लगाकर किया आत्मीय स्वागत

कार्यक्रम के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पहली बार स्कूल की चौखट पर कदम रखने वाले नवप्रवेशी नन्हे बच्चों का रोली-तिलक लगाकर और मुंह मीठा कराकर आत्मीय स्वागत किया। बच्चों को दुलारते हुए उन्होंने कहा— “बच्चों की मुस्कान और उनकी आँखों में तैरते सपने ही विकसित छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की असली नींव हैं। खूब मन लगाकर पढ़ें, बड़े सपने देखें और अपनी प्रतिभा से देश-प्रदेश का नाम रोशन करें।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कक्षा 1ली, 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश (यूनिफॉर्म) एवं स्कूल बैग प्रदान किए। साथ ही, बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने हेतु कक्षा 9वीं की छात्राओं को साइकिलों का वितरण किया गया।

दुर्ग जिले को मिलीं 4 बड़ी और आधुनिक सौगातें

शैक्षणिक और खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के लिए चार प्रमुख घोषणाएं कीं:

  • 100-100 सीटर NEET/JEE हॉस्टल: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों (छात्र एवं छात्रा) के लिए अलग-अलग 100-100 सीटों की क्षमता वाले आधुनिक छात्रावासों का निर्माण।
  • आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन: शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालयों को एक ही छत के नीचे लाने हेतु सर्वसुविधायुक्त कम्पोजिट बिल्डिंग।
  • सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम: दुर्ग शहर में भव्य एवं आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण।
  • एथलेटिक्स ट्रैक व फुटबॉल मैदान: खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक।

‘युक्तियुक्तकरण’ से बदला परिदृश्य: अब कोई भी स्कूल शिक्षक-विहीन नहीं

शिक्षा क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी बदलावों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने युक्तियुक्तकरण (Rationalization) के माध्यम से ऐतिहासिक सुधार किए हैं। आज प्रदेश का कोई भी स्कूल शिक्षक-विहीन नहीं है। दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाई जा रही है। बस्तर के संवेदनशील क्षेत्र जगरगुंडा में एजुकेशन हब विकसित किया जा रहा है, ताकि वहां के बच्चों को भी महानगरों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।

प्रदेश की शिक्षा क्रांति के प्रमुख बिंदु:

  • राज्य में वर्तमान में 15 मेडिकल कॉलेज सफलतापूर्वक संचालित।
  • अध्ययन और प्रतियोगी माहौल के लिए 24 नालंदा परिसर का विकास।
  • दिल्ली में रहकर उच्च शिक्षा हासिल कर रहे राज्य के छात्रों के लिए 200 सीटों की हॉस्टल सुविधा उपलब्ध।

खगोल विज्ञान लैब का अवलोकन और ‘न्योता भोज’ में सहभागिता

मुख्यमंत्री ने विद्यालय की खगोल विज्ञान (Astronomy) प्रयोगशाला का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए अंतरिक्ष विज्ञान और खगोल से जुड़े मॉडलों की जमकर तारीफ की।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत स्कूल परिसर में कटहल, सिंदूरी एवं मौलश्री के पौधे रोपे। उन्होंने बच्चों के साथ ‘न्योता भोज’ में बैठकर भोजन किया और बेहद सहज भाव से बच्चों से उनकी रुचियों, पढ़ाई और भविष्य की महत्वाकांक्षाओं पर चर्चा की।

मेधावी छात्र-छात्राओं का राज्य स्तरीय सम्मान

राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा (2025-26) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने मंच से सम्मानित किया:

  • कु. पायल रजनी – राज्य स्तर पर प्रथम स्थान
  • नैतिक आमटे – राज्य स्तर पर 7वां स्थान
  • कु. श्रद्धा इंदौरिया – राज्य स्तर पर 10वां स्थान

निजी स्कूलों की तर्ज पर पहले ही दिन मिल रही हैं पुस्तकें: स्कूल शिक्षा मंत्री

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि निजी विद्यालयों की तर्ज पर शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन बच्चों को किताबें और गणवेश मिल जाएं।

  • बालिकाओं के लिए 8,000 से अधिक नए शौचालयों का निर्माण।
  • विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से कंप्यूटर शिक्षा का विस्तार।
  • भाषा व गणितीय दक्षता बढ़ाने हेतु विशेष अभियानों का संचालन।

वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस भव्य आयोजन में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, दुर्ग संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य, समग्र शिक्षा आयुक्त श्रीमती किरण कौशल तथा कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह समेत अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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