निमोरा अकादमी के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों ने राजभवन में की सौजन्य मुलाकात
राज्यपाल की नसीहत: प्रशासनिक निर्णयों में ‘ह्यूमन टच’ और संवेदनशीलता बेहद जरूरी
विशेष संवाददाता | 22 जुलाई रायपुर
रायपुर, 22 जुलाई: राज्यपाल रमेन डेका ने नवचयनित प्रशासनिक अधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा है कि राज्य प्रशासनिक सेवा महज एक पद या अधिकार नहीं, बल्कि आम जनता की निष्ठापूर्वक सेवा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से ताकीद की कि वे हर परिस्थिति का सामना सकारात्मक दृष्टिकोण से करें और अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ करें।

राज्यपाल डेका आज राजभवन में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के वर्ष 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों से चर्चा कर रहे थे। ये सभी अधिकारी वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। अकादमी के महानिदेशक टी.सी. महावर के नेतृत्व में प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों ने राज्यपाल से सौजन्य मुलाकात की।
📌 राजभवन से राज्यपाल के प्रमुख संदेश
- प्रशासन में हो ‘ह्यूमन टच’: राज्यपाल ने कहा कि शासकीय योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए निर्णयों में मानवीय संवेदनाओं का होना अनिवार्य है।
- क्षेत्र भ्रमण और सीधा संवाद: अधिकारियों को केवल दफ्तरों तक सीमित न रहकर लगातार मैदानी भ्रमण करना चाहिए और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझना चाहिए।
- पारदर्शिता और स्पष्टता: जो कार्य संभव हो, उसे प्राथमिकता से पूरा करें। यदि कोई काम नियमानुकूल संभव न हो, तो संबंधित व्यक्ति को उसकी स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी दें। इससे शासन-प्रशासन के प्रति जनविश्वास मजबूत होता है।
- तार्किक निर्णय और निष्पक्षता: एक सक्षम अधिकारी की पहचान तथ्यों के आधार पर लिए गए तार्किक और विवेकपूर्ण निर्णयों से होती है। जनता को न्याय दिलाना ही लोक सेवक का पहला कर्तव्य है।

“आप सभी युवा हैं और आपके कंधों पर राज्य के भविष्य के सुशासन, पारदर्शिता और जनविश्वास को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ एक शांत, समृद्ध और आत्मीय राज्य है—यहाँ के लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही आपकी सफलता की असली कसौटी होगी।”
— रमेन डेका, राज्यपाल (छत्तीसगढ़)अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद
इस गरिमामय मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अकादमी की प्रशिक्षण निदेशक श्रीमती मेनका प्रधान समेत अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी एवं 2025 बैच के सभी प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर उपस्थित रहे। प्रशिक्षणार्थियों ने राज्यपाल के मार्गदर्शन को अपने प्रशासनिक जीवन में पूरी तरह उतारने का संकल्प लिया।
