रायपुर / नई दिल्ली 23 जुलाई । बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पौराणिक परंपराओं के ध्वजवाहक ‘मांझी-चालकी’ प्रतिनिधियों के लिए एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश की प्रथम नागरिक, माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने बस्तर की पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े मांझी-चालकी समाज के प्रतिनिधियों को राष्ट्रपति भवन में विशेष रूप से आमंत्रित किया है। यह न केवल बस्तर बल्कि संपूर्ण छत्तीसगढ़ के लिए एक अत्यंत गौरवशाली अवसर है।
इस गरिमामय और ऐतिहासिक कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा प्रदेश के गृहमंत्री श्री विजय शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
जनजातीय संस्कृति को सर्वोच्च सम्मान
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस आयोजन को बस्तर की पहचान और जनजातीय संस्कृति का अभूतपूर्व सम्मान करार दिया है। उन्होंने कहा कि बस्तर की अनूठी जीवनशैली, सामाजिक ताना-बाना और विश्व प्रसिद्ध ‘बस्तर दशहरा’ की सदियों पुरानी परंपरा को संचालित करने वाले मांझी-चालकी समाज के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर यह सबसे बड़ा सम्मान मिल रहा है।
“माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने बस्तर के मांझी-चालकी प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है। इस अवसर पर माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के साथ मैं और प्रदेश के गृहमंत्री श्री विजय शर्मा जी भी उपस्थित रहेंगे।”
— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासनविकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा बस्तर
राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से बस्तर अब हिंसा और अशांति के दौर से निकलकर तेजी से शांति, विकास और अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर की वैश्विक पुनर्स्थापना की ओर बढ़ रहा है।
- परंपरा और विकास का संगम: राष्ट्रपति भवन में होने जा रहा यह संवाद बस्तर की समस्याओं, उसकी संस्कृति और जन-आकांक्षाओं को सीधे देश के सर्वोच्च पद तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगा।
- संस्कृति को नई ऊर्जा: इस ऐतिहासिक संवाद से न केवल बस्तर के पारंपरिक नेतृत्व (मांझी-चालकी व्यवस्था) का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश के वनांचल क्षेत्रों में विश्वास और विकास का नया वातावरण निर्मित होगा।
समाचार पत्रों के मुख्य पृष्ठ के लिए यह खबर बस्तर के बदलते परिदृश्य और जनजातीय गौरव के नए शिखर का संदेश देती है।
