💥 देश भर में DAP की किल्लत के बीच छत्तीसगढ़ में पुख्ता घेराबंदी: 58 हजार मीट्रिक टन का ‘सुरक्षा स्टॉक’ तैनात
💥 4,878 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे, 11 दुकानें पूरी तरह सील, 7 माफियाओं पर दर्ज हुई FIR

विशेष रिपोर्ट | रायपुर
रायपुर, 23 जुलाई 2026:
खरीफ 2026 में जब अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक उथल-पुथल के कारण पूरे देश में डीएपी (DAP) का गंभीर संकट छाया हुआ है, तब छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने अपने अन्नदाताओं के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ एक्शन प्लान और कृषि मंत्री रामविचार नेताम के सीधे मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने दोहरे मोर्चे पर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है—पहला, राष्ट्रीय किल्लत के बावजूद रिकॉर्ड खाद का भंडारण, और दूसरा, मुनाफाखोरों व जमाखोरों की कमर तोड़ना।
मुख्यमंत्री साय का साफ संदेश है: “छत्तीसगढ़ में किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनके पसीने की कीमत पर तिजोरी भरने वाले कालाबाजारियों को बख्शने का सवाल ही पैदा नहीं होता।”
🛑 ‘छापेमार स्ट्राइक’: 4,878 दुकानों पर हड़कंप, सील हुए लाइसेंस!
कृषि विभाग की स्पेशल फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने पूरे प्रदेश में खाद माफियाओं के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ऑल-आउट ऑपरेशन चलाया है। उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत की गई इस कार्रवाई के आंकड़े बताते हैं कि सरकार किस कदर आक्रामक है:
🔴 4,878 उर्वरक केंद्रों पर अचानक पड़े छापे
🔴 625 बिक्रेताओं को थमाया गया कारण बताओ नोटिस
🔴 183 सेंटर्स पर तत्काल प्रभाव से बिक्री बैन
🔴 98 दुकानों से संदिग्ध/अवैध खाद की जब्ती
🔴 97 लाइसेंस निलंबित, 11 लाइसेंस परमानेंट निरस्त!
🔴 56 केस सीधे कोर्ट भेजे गए, 07 पर एफआईआर (FIR) दर्ज
📊 राष्ट्रीय संकट के बीच ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’: आंकड़े दे रहे गवाही
वैश्विक बाजार में 70 से 80 प्रतिशत डीएपी और 40% एनपीके (NPK) का आयात बाधित होने के बावजूद छत्तीसगढ़ की अग्रिम रणनीति रंग लाई है। पिछले साल के मुकाबले इस साल राज्य के पास संकट में भी ज्यादा बैकअप है:
- कुल तय लक्ष्य: 3.00 लाख मीट्रिक टन
- अब तक कुल भंडारण: 1.84 लाख मीट्रिक टन
- किसानों तक पहुंचा: 1.26 लाख मीट्रिक टन
- गोदामों में सील्ड बैकअप: 58,054 मीट्रिक टन (उपलब्ध)
बड़ा फर्क: जहाँ पिछले साल (खरीफ 2025) में इस समय मात्र 37,535 मीट्रिक टन DAP बचा था, वहीं इस साल वैश्विक किल्लत के बावजूद साय सरकार ने 20,000 मीट्रिक टन से ज्यादा का एक्स्ट्रा रिजर्व बनाए रखा है!
🌾 ‘डबल बोनी’ प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत पहुंचेगा खाद और बीज
राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है, जहाँ किसानों को दोबारा बुआई (डबल बोनी) करनी पड़ रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन और कृषि वैज्ञानिकों की टीमें सीधे खेतों में उतर चुकी हैं। प्रभावित क्षेत्रों में:
- प्राथमिकता के आधार पर तत्काल प्रमाणित बीज पहुँचाए जा रहे हैं।
- बिना किसी देरी के एनपीके (NPK) और डीएपी का कोटा रिलीज किया जा रहा है।
- वैज्ञानिकों की सलाह से मिट्टी को नुकसान से बचाने के लिए संतुलित पोषक तत्वों की आपूर्ति जारी है।
📣 चेतावनी: “MRP से एक रुपया भी ज्यादा दिया, तो सीधा फोन घुमाएं!”
राज्य शासन ने प्रदेश के सभी किसानों से सीधी अपील की है:
- खाद केवल अधिकृत सहकारी समितियों और पंजीकृत डीलरों से ही खरीदें।
- तय MRP से ज्यादा दाम मांगने पर तुरंत कृषि विभाग या कलेक्टर ऑफिस के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।
- शिकायत मिलते ही दोषी विक्रेता की दुकान सील होगी और सीधे जेल की राह नापी जाएगी!
