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■ वनांचल तक पहुंचा 4G नेटवर्क, भारतनेट-III के लिए केंद्र से मिले ₹3,928 करोड़
■ CM IT फ़ेलोशिप से युवाओं को अवसर, ₹105 करोड़ से बनेंगे 4 ‘सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप’
■ ‘क्लाउड फर्स्ट नीति’ और ‘AI मिशन’ से सुशासन को मिलेगी नई गति
विशेष संवाददाता | 23 जुलाई नवा रायपुर
छत्तीसगढ़ शासन का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (IT) राज्य में तकनीक-संचालित डिजिटल सुशासन का नया अध्याय लिख रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य के हर नागरिक तक पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर डिजिटल अधोसंरचना तैयार की जा रही है।
अटल नगर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में IT सचिव श्री अंकित आनंद एवं चिप्स के सीईओ श्री मयंक अग्रवाल ने विभाग की ऐतिहासिक उपलब्धियों और भावी योजनाओं का खाका पेश किया।

1. ‘सेवा सेतु’: नागरिक सेवाओं का सबसे बड़ा डिजिटल क्रांति स्तंभ
राज्य में नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तार हेतु ‘सेवा सेतु’ सबसे मजबूत मंच बनकर उभरा है। 29 अप्रैल 2026 को शुरू हुए इसके उन्नत संस्करण के माध्यम से:
- वर्तमान में 35 विभागों की 564 सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
- पिछले ढाई वर्षों में 85 लाख से अधिक आवेदन मिले, जिनमें से 78 लाख+ मामलों का त्वरित निपटारा किया जा चुका है।
- राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, नल कनेक्शन जैसी बुनियादी जरूरतें अब ग्रामीण इलाकों में भी घर के पास ही सुलभ हैं।
- QR कोड वेरिफिकेशन, डिजिटल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और SMS/WhatsApp अलर्ट जैसी आधुनिक तकनीक से भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी व्यवस्था कायम हुई है।

2. बस्तर और वनांचल तक डिजिटल पहुंच, ₹3,928 करोड़ से बिछेगा ऑप्टिकल फाइबर
सुदूर आदिवासी क्षेत्रों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र प्रायोजित ‘डिजिटल भारत निधि’ (DBN) के तहत अभूतपूर्व कार्य हुआ है:
- 1,273 नए मोबाइल टावर: जनवरी 2024 से अब तक आकांक्षी जिलों और LWE (नक्सल प्रभावित) क्षेत्रों में 1273 टावर ऑन-एयर किए जा चुके हैं।
- भारतनेट फेज-III: हर ग्राम पंचायत तक हाई-स्पीड इंटरनेट और FTTH (फाइबर टू द होम) कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने ₹3,928 करोड़ की मंजूरी दी है।
3. भावी अर्थव्यवस्था और युवाओं के लिए बड़े अवसर
- CM IT फ़ेलोशिप: IIIT नया रायपुर के सहयोग से 50 प्रतिभावान स्थानीय युवाओं को आरक्षण नियमों के तहत उच्च-स्तरीय AI व तकनीकी प्रशिक्षण और शासकीय विभागों में व्यावहारिक कार्य अनुभव दिया जा रहा है।
- ₹105.3 करोड़ से 4 सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप: छत्तीसगढ़ सरकार और STPI मिलकर 4 प्रमुख क्षेत्रों—आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मेडटेक (औषधीय उत्पाद), स्मार्ट सिटी समाधान और स्मार्ट कृषि—में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एक्सीलेंस सेंटर स्थापित कर रहे हैं।
4. राजस्व वृद्धि और सुशासन के प्रमुख डिजिटल मंच
- खनिज ऑनलाइन 2.0: पारदर्शी माइनिंग ट्रैकिंग से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच रिकार्ड ₹30,311.80 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
- सिंगल विंडो सिस्टम 2.0: निवेशकों के लिए 19 विभागों की 151 सेवाओं को एकीकृत कर त्वरित ऑनलाइन स्वीकृतियां दी जा रही हैं।
- बस्तर मुन्ने पोर्टल: नक्सल-मुक्त 10 जिलों में अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की पहुंच की निगरानी की जा रही है।
- पारस पोर्टल व IWMMS: अधोसंरचना परियोजनाओं की ऑनलाइन समीक्षा और औद्योगिक कचरे के सुरक्षित निपटान की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है।
5. भविष्य की तैयारी: AI मिशन और ‘क्लाउड फर्स्ट’ नीति
छत्तीसगढ़ अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का हब बनने की ओर अग्रसर है। राज्य में छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM) के तहत ‘AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ और ‘AI डेटा लैब’ स्थापित की जा रही है। इसके साथ ही, सुरक्षा और त्वरित डेटा प्रोसेसिंग के लिए राज्य सरकार ‘क्लाउड फर्स्ट नीति’ लागू कर रही है।
“तकनीक केवल सुविधा नहीं, बल्कि सुशासन और जन-सशक्तिकरण का आधार है”
“हमारा उद्देश्य तकनीक के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी डिजिटल राज्य बनाना है। डिजिटल कनेक्टिविटी और AI के इस्तेमाल से हर नागरिक तक शासन का लाभ समय पर और पारदर्शिता से पहुँच रहा है।”
— अंकित आनंद, सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (छ.ग. शासन)
