युवाओं के सपनों और मेहनत से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं: साय
कड़े कानून और पारदर्शी व्यवस्था से राज्य के लाखों परीक्षार्थियों में जागा नया विश्वास
रायपुर 24 जुलाई । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक की घटनाओं पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए त्वरित और कड़े फैसलों का सहर्ष स्वागत किया है। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उठाए गए इन ऐतिहासिक व दंडात्मक कदमों हेतु प्रधानमंत्री का राज्य के समस्त युवाओं और नागरिकों की ओर से सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मीडिया को दिए अपने संदेश में कहा:
“माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का बहुत-बहुत धन्यवाद, उन्होंने पेपर लीक मामले को बड़ी गंभीरता से लिया है। भविष्य में इस तरह की गलती दोबारा न हो, इसके लिए उन्होंने सख्त कदम उठाए हैं।”
युवाओं का भरोसा कायम रखना पहली प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएँ देश के लाखों होनहार युवाओं के वर्षों की कड़ी मेहनत, समर्पण और उनके परिवारों की उम्मीदों का आधार होती हैं। पेपर लीक जैसी आपराधिक गतिविधियाँ न केवल युवाओं के सपनों पर पानी फेरती हैं, बल्कि संपूर्ण परीक्षा प्रणाली की साख को भी चोट पहुँचाती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नए कड़े कानूनों और केंद्रीय एजेंसियों के हस्तक्षेप से अब परीक्षा माफियाओं और नकल गिरोहों की कमर टूट चुकी है। भविष्य में कोई भी अपराधी ऐसी गुस्ताखी करने से पहले सौ बार सोचेगा।छत्तीसगढ़ में भी पारदर्शी व्यवस्था पर जोर
श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “जीरो टॉलरेंस” की नीति का अनुसरण करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार भी राज्य स्तर की सभी प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता, शुचिता और निष्पक्षता सुनिश्चित कर रही है। राज्य के युवाओं की योग्यता के साथ अब किसी भी स्तर पर अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश के लाखों परीक्षार्थियों और अभिभावकों में एक नया विश्वास जागा है कि देश और राज्य की वर्तमान सरकार युवाओं के हक में मजबूती से खड़ी है।
