छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक पहल: शीतकालीन सत्र में पेश होगा ‘समान नागरिक संहिता’ बिल, जस्टिस देसाई समिति की पहली बैठक आज


रायपुर 24 जुलाई ।
छत्तीसगढ़ देश का अगला ऐसा राज्य बनने जा रहा है, जहाँ समान नागरिक संहिता (UCC – Uniform Civil Code) लागू करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस ऐतिहासिक कदम का औपचारिक ऐलान करते हुए स्पष्ट किया है कि आगामी शीतकालीन सत्र में सरकार यूसीसी बिल विधानसभा में पारित कराएगी।
इस वृहद और दूरगामी सुधार को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस डॉ. रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस ड्राफ्टिंग कमेटी की पहली महत्वपूर्ण बैठक आज आयोजित की गई है।

“कानून सबके लिए समान, शीतकालीन सत्र में लाएंगे बिल” – मुख्यमंत्री

संवाददाताओं से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरकार की मंशा और भावी रणनीति को सामने रखा। उन्होंने कहा:

“छत्तीसगढ़ में यूसीसी लागू होगा। इसके लिए डॉ. रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। आज उसकी पहली बैठक है। आने वाले शीतकालीन सत्र में हम यूसीसी पारित करा लेंगे।”

मुख्यमंत्री का यह बयान राज्य की सियासत और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गया है। सरकार के इस कदम को राज्य में सामाजिक समरसता, लैंगिक समानता और नागरिक अधिकारों की मजबूती की दिशा में एक क्रांतिकारी फैसला माना जा रहा है।

जस्टिस देसाई समिति पर टिकीं निगाहें

उल्लेखनीय है कि जस्टिस डॉ. रंजना प्रकाश देसाई वही शख्सियत हैं जिन्होंने उत्तराखंड में यूसीसी का सफल ड्राफ्ट तैयार किया था। उनके विस्तृत अनुभव और विशेषज्ञता को ध्यान में रखते हुए ही छत्तीसगढ़ सरकार ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
समिति का मुख्य कार्य राज्य की विविधता, जनजातीय परंपराओं, स्थानीय रीति-रिवाजों और विभिन्न वर्गों के अधिकारों का बारीकी से अध्ययन कर एक ऐसा खाका तैयार करना होगा जो सर्वसमावेशी और सर्वमान्य हो।

क्यों खास है यह कदम?

  • लैंगिक समानता: विवाह, तलाक, गोद लेने और संपत्ति में अधिकार जैसे विषयों पर महिलाओं को समान अधिकार मिलना तय होगा।
  • पारदर्शी कानून व्यवस्था: सभी धर्मों और समुदायों के नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून लागू होगा।
  • स्थानीय व जनजातीय हितों का संतुलन: छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और उनके पारंपरिक अधिकारों का ध्यान रखते हुए समिति ड्राफ्ट तैयार करेगी।

छत्तीसगढ़ बनेगा उदाहरण

उत्तराखंड के बाद छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य बनने की ओर अग्रसर है जो यूसीसी लागू करने की दिशा में इतने ठोस और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। आज हुई समिति की पहली बैठक के साथ ही ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। आगामी शीतकालीन सत्र न केवल छत्तीसगढ़ की राजनीति, बल्कि राज्य के सामाजिक परिदृश्य के लिए भी बेहद ऐतिहासिक साबित होने वाला है।

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