नंदनवन जंगल सफारी: प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का अनूठा संगम

320.15 हेक्टेयर में फैला नवा रायपुर का नंदनवन बना देश-विदेश के पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों का पसंदीदा केंद्र
रायपुर 24 जुलाई । छत्तीसगढ़ की आधुनिक पहचान बन चुके नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी आज न केवल राज्य, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। 320.15 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्रफल में फैले इस परिसर में एक ओर जहाँ वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास जैसा सुरक्षित माहौल मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यटक यहाँ रोमांचक सफारी का अनूठा अनुभव ले रहे हैं।
1979 के मिनी जू से एशिया की आधुनिक सफारी तक का सफर
नंदनवन की यात्रा वर्ष 1979 में रायपुर में एक छोटे ‘मिनी जू’ और रेस्क्यू सेंटर के रूप में शुरू हुई थी। वर्ष 2008 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) से आधिकारिक मान्यता मिलने के बाद, नवा रायपुर में एक आधुनिक और भव्य सफारी की नींव रखी गई।
- 2012–2015: 320.15 हेक्टेयर भूमि का आवंटन।
- 1 नवंबर 2016: राज्य के 16वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भव्य उद्घाटन।
रोमांच से भरे 5 प्रमुख सफारी और जू जोन
पर्यावरण शिक्षा और वन्यजीव सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर को 5 मुख्य आकर्षणों में विभाजित किया गया है:
- शाकाहारी सफारी (30.89 हेक्टेयर): चीतल, सांभर, नीलगाय और काले हिरणों का प्राकृतिक झुंड।
- बाघ सफारी (20.04 हेक्टेयर): राष्ट्रीय पशु बाघ को खुले और प्राकृतिक माहौल में बेहद करीब से देखने का रोमांच।
- सिंह सफारी (20.01 हेक्टेयर): एशियाई शेरों (Asiatic Lions) का सुरक्षित और प्राकृतिक संरक्षण।
- भालू सफारी (20.03 हेक्टेयर): भालुओं की अठखेलियों का अद्भुत नज़ारा।
- जू जोन (50 हेक्टेयर): विभिन्न प्रजातियों के दुर्लभ पक्षी, सरीसृप (Reptiles) और अन्य वन्यजीव।
दुर्लभ वन्यजीव और ‘दीपाशा’ बनीं खास आकर्षण
विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ ‘पशु विनिमय कार्यक्रम’ के तहत यहाँ सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा (Hippopotamus), घड़ियाल और विशेष रूप से क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे दुर्लभ वन्यजीवों को लाया गया है, जो पर्यटकों के कौतूहल का मुख्य केंद्र हैं।
पर्यटकों के नए रिकॉर्ड: सालाना पहुँच रहे लाखों लोग
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप की मंशानुरूप नंदनवन सफारी निरंतर नए कीर्तिमान रच रही है।
वनमंडलाधिकारी श्री थेजस शेखर के अनुसार पर्यटकों का आँकड़ा:
- 2018-19: 1,74,611
- 2022-23: 2,77,881
- 2024-25: 2,70,942
- 2025-26: 3,24,785 से अधिक रिकॉर्ड पर्यटक!
जागरूकता और शिक्षा का अलख
यहाँ केवल पर्यटन ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे अवसरों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया जाता है।
कैसे पहुँचें?
- हवाई मार्ग: स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, रायपुर से मात्र 15 किमी।
- रेल मार्ग: रायपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किमी।
- विशेष नोट: नंदनवन जंगल सफारी प्रत्येक सोमवार को बंद रहती है।
रिपोर्ट: धनंजय राठौर (संयुक्त संचालक, जनसंपर्क) एवं अशोक कुमार चंद्रवंशी (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)

