छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक फैसले की सराहना की
पेपर लीक पर केंद्र सरकार का करारा प्रहार: युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर कसेगा शिकंजा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा— “अब कोई नहीं छीन सकेगा युवाओं के सपनों का हक; नए कड़े कानून से भ्रष्टाचारियों और भू-माफियाओं में फैलेगा खौफ”
विशेष प्रतिनिधि | रायपुर 27 जुलाई।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने युवाओं के हित में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए ऐतिहासिक और साहसिक कदम का दिल से स्वागत किया है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक जैसी गंभीर तथा संवेदनशील समस्याओं को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लाए जा रहे कठोर कानून पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का हृदय से आभार जताया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय देश के करोड़ों होनहार, मेहनती और संघर्षशील युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा और उनके भविष्य को पूरी तरह सुरक्षित करेगा।
“केंद्रीय मंत्रिमंडल का फैसला और संसद की मुहर: युवाओं का भरोसा होगा बहाल”
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को पेपर लीक जैसी अनैतिक और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के कारण भारी मानसिक और आर्थिक कष्ट झेलना पड़ता था। इस गंभीर समस्या की चिंता करते हुए सबसे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कठोर कानून बनाने का फैसला लिया और अब इसे संसद में पारित कराकर कानून का रूप दिया जा रहा है।
“प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी युवाओं की हर पीड़ा को समझते हैं। पेपर लीक पर यह कड़ा कानून युवाओं के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता, दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इस कानून के लागू होने के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।”
— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़)नए कड़े कानून के प्रमुख बिंदु: युवाओं का विश्वास, भ्रष्टाचार पर प्रहार
इस नए और ऐतिहासिक कानून से देश और प्रदेश के प्रतियोगी परीक्षार्थियों में एक नया विश्वास जगा है। कानून के लागू होने से व्यवस्था में व्यापक सुधार देखने को मिलेंगे:
- सख्त से सख्त सजा का प्रावधान: परीक्षा में धांधली, साजिश और पेपर लीक में शामिल गिरोहों और दोषियों के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई होगी।
- पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली: युवाओं की वर्षों की मेहनत अब किसी माफिया की भेंट नहीं चढ़ेगी; केवल योग्यता और प्रतिभा को ही सम्मान मिलेगा।
- अपराधियों में खौफ: नकल कराने वाले माफियाओं, संदेहास्पद कोचिंग संस्थानों और भ्रष्ट तंत्र पर नकेल कसेगी।
- भविष्य की पुनरावृत्ति पर पूर्ण विराम: व्यवस्था में ऐसी सख्त सुरक्षा प्रणाली लागू होगी जिससे सेंधमारी नामुमकिन हो जाएगी।
छत्तीसगढ़ के युवाओं में हर्ष की लहर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के इस वक्तव्य और केंद्र सरकार की इस ऐतिहासिक पहल का छत्तीसगढ़ के लाखों युवाओं और परीक्षार्थियों ने पुरजोर स्वागत किया है। छात्रों का कहना है कि इस फैसले से उनका मनोबल बढ़ा है और अब वे बिना किसी डर या अनिश्चितता के अपनी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि छत्तीसगढ़ सरकार भी राज्य स्तर पर युवाओं के हितों की रक्षा, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रियाओं और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है।
