मलेरिया के विरुद्ध अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य अमला: कांकेर में सघन जांच, त्वरित इलाज और लगातार निगरानी जारी

मलेरिया के विरुद्ध अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य अमला: कांकेर में सघन जांच, त्वरित इलाज और लगातार निगरानी जारी

दो मासूमों की दुःखद मृत्यु के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया विस्तृत ब्यौरा; प्रभावित इलाकों में आरएफएस और कैंप लगाकर दी जा रही दवाएं

विशेष प्रतिनिधि 27 जुलाई / रायपुर / कांकेर
उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले में मलेरिया के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद और सतर्क हो गया है। हाल ही में मलेरिया से संबंधित दो मासूम बच्चों की दुःखद मृत्यु के मामलों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच, उपचार, रेफरल और गांव-गांव में चलाए जा रहे निगरानी अभियानों की विस्तृत जानकारी साझा की है।
विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि दोनों मामलों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा तत्काल जांच, दवा वितरण और उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफरल की प्रक्रिया पूरी की गई थी। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मलेरिया रोधी अभियान और सघन जांच (RFS) अभियान लगातार जारी है।

प्रकरण 1: बालक आश्रम मर्दापोटी एवं डुडेरापाल की स्थिति

बालक आश्रम मर्दापोटी में अध्ययनरत 10 वर्षीय छात्र सुभाष कुमेटी (निवासी ग्राम डुडेरापाल, केशकाल) के मामले में विभागीय टीम ने त्वरित कार्रवाई की थी:

  • 21 जुलाई: आश्रम के दो बच्चों की तबीयत खराब होने पर उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ RDT किट जांच में PF पॉजिटिव पाए जाने पर ACT और प्राइमाक्वीन की खुराक दी गई।
  • 22 जुलाई: स्वास्थ्य टीम ने आश्रम के सभी 46 बच्चों की सामूहिक जांच की। इस दौरान 2 अन्य बच्चे पॉजिटिव पाए गए, जिन्हें तत्काल दवा दी गई। इस दौरान सुभाष की रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
  • 24 व 25 जुलाई: 24 जुलाई को बुखार आने पर सुभाष की पुनः जांच की गई, जिसमें रिपोर्ट PF पॉजिटिव आई। डॉक्टर द्वारा पहली खुराक देने के बाद शेष दवाइयां आश्रम अधीक्षक को सौंपी गईं। 25 जुलाई की सुबह परिजन बच्चे को गृहग्राम ले गए।
  • 26 जुलाई: तबीयत बिगड़ने पर तड़के 3 बजे बालक को मेडिकल कॉलेज अस्पताल कांकेर में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद 26 जुलाई की सुबह उसका निधन हो गया।

प्रकरण 2: ग्राम डोमाहर्रा में एक ही परिवार की तीन बहनें पाई गईं संक्रमित

कांकेर विकासखंड के ग्राम डोमाहर्रा निवासी तीजाराम विश्वकर्मा की तीन बेटियों—रवीना (11 वर्ष), सलीना (5 वर्ष) और करीना (9 वर्ष) को बुखार आने पर स्वास्थ्य अमले ने तत्काल मोर्चा संभाला:

  • 23 जुलाई: आयुष्मान आरोग्य मंदिर डोमाहर्रा में जांच के दौरान तीनों बच्चियां PF पॉजिटिव पाई गईं। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने तुरंत पहली खुराक देकर अभिभावक को आगे की दवाओं का शेड्यूल समझाया और आसपास के घरों में सघन जांच की।
  • 24 जुलाई: पिता तीजाराम का स्वास्थ्य बिगड़ने पर 108 संजीवनी एक्सप्रेस से पूरे परिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) धनेलीकन्हार में भर्ती कराया गया, जहाँ पिता भी जांच में पॉजिटिव पाए गए।
  • 25 जुलाई: 9 वर्षीय करीना विश्वकर्मा की स्थिति बिगड़ने पर उसे देर रात मेडिकल कॉलेज अस्पताल कांकेर रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान 25 जुलाई की सुबह 7:30 बजे बच्ची ने दम तोड़ दिया।

धरातल पर ‘मलेरिया मुक्त अभियान’: घर-घर जाकर हो रही स्क्रीनिंग

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि दोनों प्रभावित क्षेत्रों में 22 जुलाई को संचालित ‘मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ के तहत व्यापक जांच की गई थी।

विभाग का संकल्प:
“जिले के प्रत्येक संवेदनशील और दूरस्थ क्षेत्रों में बुखार से पीड़ित मरीजों की पहचान, त्वरित आरडी किट जांच, तत्काल नि:शुल्क दवा वितरण और गंभीर मरीजों को 108 के माध्यम से तत्काल मेडिकल कॉलेज या सीएचसी रेफर करने की मजबूत व्यवस्था की गई है।”

स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि बुखार आने पर झाड़-फूंक या घरेलू इलाज में समय न गंवाएं, बल्कि तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या मितानिन से संपर्क कर मलेरिया की जांच करवाएं और डॉक्टर द्वारा दी गई दवा का पूरा कोर्स अवश्य करें।

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