गांवों के समग्र विकास से ही साकार होगा ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEOs) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए विकास के स्पष्ट मंत्र; सुशासन, जनभागीदारी और शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर जोर

दैनिक समाचार प्रतिनिधि
रायपुर, 27 जुलाई:
छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध और सशक्त राज्य बनाने के संकल्प को गति देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की नींव गांवों के सर्वांगीण विकास पर ही टिकी है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें केवल योजनाओं के संचालन की इकाई नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक आत्मनिर्भरता और ग्रामीण समृद्धि के वास्तविक केंद्र हैं।
नवा रायपुर स्थित एसआईआरडी (SIRD) परिसर, निमोरा में आयोजित सभी जिलों के जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEOs) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन की असली कसौटी यही है कि शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

📰 (Key Highlights)
- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे लाभ: सुशासन का अर्थ योजनाओं का लाभ कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और ग्रामीणों का अटूट विश्वास जीतना है।
- लखपति से ‘करोड़पति दीदी’ का लक्ष्य: राज्य में 10.40 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। अब उन्हें उद्यमिता, कौशल और नई औद्योगिक नीति से जोड़कर ‘करोड़पति दीदी’ बनाने का लक्ष्य है।
- विकसित भारत जी राम जी योजना: 1 जुलाई से लागू इस योजना के जरिए ग्रामीण रोजगार सृजन, जल संरक्षण और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।
- बस्तर में विकास की नई सुबह: दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्रों के अंतिम गांव तक सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, पेयजल और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता से पहुंचाई जा रही हैं।
- ऊर्जा व आवास आत्मनिर्भरता: ‘पीएम सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना’ और ‘पीएम आवास योजना’ के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
💧 जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन पर फोकस
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास का दायरा केवल भवनों के निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, वैज्ञानिक कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में स्थायी विकास मॉडल तैयार किए जाएं। वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन को हर जिले में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
🌟 हिवड़े बाजार मॉडल व महापुरुषों की प्रेरणा का आह्वान
बैठक में पद्मश्री पोपटराव पवार द्वारा प्रस्तुत महाराष्ट्र के प्रसिद्ध ‘हिवड़े बाजार’ के आदर्श ग्रामीण विकास मॉडल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि एक व्यक्ति का दृढ़ संकल्प पूरे समाज की तस्वीर बदल सकता है। उन्होंने चित्रकूट के ‘दीनदयाल शोध संस्थान’ और ओडिशा में डॉ. अच्युत सामंत के सामाजिक परिवर्तन मॉडल से प्रेरणा लेकर हर जिले में एक ‘आदर्श विकास मॉडल’ विकसित करने का आह्वान किया।
“सार्वजनिक जीवन का ध्येय केवल अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना मात्र नहीं है, बल्कि समाज में ऐसा सकारात्मक परिवर्तन लाना है जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखें।”
— विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़)👥 बैठक में उच्चाधिकारियों की उपस्थिति
इस उच्चस्तरीय कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह, संचालक श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री अमरजीत सिन्हा, पद्मश्री पोपटराव पवार सहित प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
